रात 10:35 बजे के बाद होगा होलिका दहन
होलिका दहन 13 मार्च यानी बृहस्पतिवार की रात 10:35 बजे के बाद होगा। वहीं होलिका पूजन सूर्यास्त के बाद से शुरू हो जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर भद्रा की छाया रहेगी, जो मध्य रात्रि समाप्त हो जाएगी। होलिका दहन के बाद 14 मार्च को अबीर-गुलाल से होली खेली जाएगी।
पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होली का पर्व मनाया जाता है। इस बार 13 मार्च को फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पड़ रही है। पूर्णिमा तिथि पर भद्रा का साया रहेगा। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कोई भी धार्मिक कार्य भद्रा की छाया में नही किया जा सकता है।
पंचांग के अनुसार 10:35 मिनट के बाद ही इसकी छाया समाप्त होगी। इसके बाद शुभ मुहूर्त बनते ही होलिका दहन की जाएगी। शनिवार को अबीर-गुलाल से होली खेली जाएगी। परमठ मंदिर के पंडित ओमकार नाथ शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात्रि 10:35 मिनट के बाद भद्रा की छाया समाप्त हो जाएगी, इसके बाद होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है।