गांव नौगवां अंबर के पास से गुजरी हाईटेंशन लाइन में पापुलर का पेड़ छू जाने से करंट उतर आया। इससे पेड़ काट रहे चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें पहले स्थानीय सीएचसी ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर चारों को बरेली रेफर कर दिया गया है।
गांव के दक्षिण दिशा की ओर से गुजरी हाईटेंशन लाइन के नीचे गांव के मलिखान खां का खेत है। गांव के ही तौफीक खां ने बटाई पर पापुलर के पेड़ लगाए थे। तौफीक इन पेड़ों को कटवाने के लिए गांव के मजदूर हशरत खां, मौसम खां, नूरे इस्लाम और जहांगीर खां को भेजा था। चारों खेत की मेड़ पर खड़े पेड़ों को काट रहे थे कि इसी बीच एक पेड़ की टहनी हाईटेंशन लाइन को छू गई और देखते ही देखते पेड़ में लपटें निकलने लगीं।
चारों मजदूर कुछ समझ पाते कि इससे पहले पेड़ पर उतरे करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। इस दौरान कुछ ही देर में पेड़ नीचे गिर गया, जिससे करंट देर तक पेड़ पर नहीं रह पाया। वरना बड़ा हादसा हो जाता। उधर हादसे के वक्त खेतों पर काम कर रहे ग्रामीण डरते-डरते मौके पर पहुंचे और झुलसे चारों मजदूरों को खेत से चकरोड पर लेकर आए। उधर सूचना पर पहुंची एंबुलेंस चारों मजदूरों को सीएचसी आई जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया है। घरवालों ने बरेली के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया है। झुलसे मजदूरों में मौसम खां और हशरत खां की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
बिलसंडा। गांव नौगवां अंबर के समीप से गुजरी हाईटेंशन लाइन से पेड़ पर उतरे करंट से झुलसे श्रमिकों के घरवालों ने गांव वालों के साथ बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही चारों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों के कहने पर ही लाइन के नीचे खड़े पेड़ों को कटवाया जा रहा था। अगर उन्हें पता होता कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा तो वे लोग पेड़ों को नहीं छूते। ग्रामीणों का कहना है कि यह तो अच्छा हुआ कि जिस जगह पर पेड़ खड़े थे उसके आसपास खेतों में पानी नहीं था, वरना बहुत बड़ा हादसा हो जाता है। आसपास के खेतों में घास निकाल रहे लोग भी चपेट में आ जाते।
लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही चारों श्रमिकों का सरकारी खर्च पर इलाज कराए जाने की मांग की।
प्रदर्शन करने वालों में कौशर खां, नूर हसन, शाहिवे आलम, गुल मोहम्मद, मो. हुसेन, मुश्ताक खां, तन्ने खां, सलाम खां, याशीन खां, जावेद, अली खां समेत लोग प्रमुख रूप से शामिल थे।