पीलीभीत। अवमानना के मामले में फंसे डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को नोटिस भेजकर जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से तामील कराने के लिए कहा है।
मालूम हो कि 17 फरवरी को जिलाधिकारी ने किशोर न्याय बोर्ड का निरीक्षण किया था। उस दौरान प्रधान मजिस्ट्रेट भी मौजूद थीं। किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट सुम्बुल इरशाद ने इसे कोर्ट की अवमानना बताते हुए जिला जज सुधीर कुमार के माध्यम से हाईकोर्ट को आरोप संदर्भित किया था।
इसमें कहा गया कि निरीक्षण के वक्त प्रधान मजिस्ट्रेट एक मुकदमे में गवाह का बयान अंकित कर रही थीं, लेकिन जिला मजिस्ट्रेट का स्टाफ मोबाइल से वीडियो बनाता रहा और फाइलें चेक की गईं। किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत इन सबकी मौजूदगी से वहां मौजूद बच्चों को विपरीत वातावरण से असुविधा हुई और न्यायिक कार्य बाधित हुआ।
उच्च न्यायालय ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार को नोटिस जारी किया है। इसे व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास भेजा गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर नोटिस 14 सितंबर तक व्यक्तिगत रूप से डीएम को तामील कराकर अदालत को अवगत कराने का आदेश दिया है।