अमर उजाला के आठ मई के अंक में तीन नंबर पेज पर प्रकाशित खबर।
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पीलीभीत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिला पंचायत के वार्डं नंबर 27 में एक बार फिर हलचल बढ़ी है। दोबारा काउंटिंग के बाद हारी घोषित की गई प्रत्याशी जगदेई की अपील पर हाईकोर्ट ने सदस्यता निरस्त करने के आदेश पर रोक लगा दी है।
जिले में 26 अप्रैल को पंचायत चुनाव का मतदान हुआ था। दो मई से मतगणना हुई थी। जिला पंचायत सदस्य पद पर वार्ड नंबर 27 में चार मई को पहले बसपा समर्थित जगदेई को विजेता घोषित करते हुए प्रमाणपत्र दे दिया गया था। बाद में दूसरे नंबर पर आई प्रत्याशी मिथिलेश ने शिकायत की थी। उसका कहना था कि मतगणना में सिर्फ बरखेड़ा ब्लॉक के वोट गिने गए और नतीजा घोषित कर दिया। जबकि बीसलपुर ब्लॉक के वोट जोड़ने पर जगदेई की हार हुई है। अफसरों ने इसे चूक बताते हुए दोनों के वोट दोबारा गिने और जगदेई की हार की घोषणा कर दी थी। फिर बसपा नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। उसी वक्त प्रशासनिक अफसरों के उठाए कदम के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कह दी थी। उधर मिथिलेश को जीता बताकर प्रमाणपत्र दे दिया था। जिला प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ जगदेई ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन द्वारा जगदेई की सदस्यता निरस्त करने संबंधी सात मई के आदेश पर रोक लगा दी। इससे जगदेई जिला पंचायत सदस्य बनी रहेंगी। याचिका के अन्य सभी पक्षकारों को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।