पीलीभीत। नोएडा में रहने वाली एक महिला ने सोमवार की रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, स्थानीय सांसद वरुण गांधी के अलावा उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव और डीएम वैभव श्रीवास्तव को ट्वीट कर दिया। इसमें शहर में रहने वाले अपने बीमार ससुर के हृदय रोग ग्रस्त होने की बात कहते हुए लखनऊ से 10 अप्रैल तक दवा आने की बात लिखी। महिला के ट्वीट से शासन से लेकर जिला स्तर तक हड़कंप मच गया।
शासन ने अगले दिन यानी कि मंगलवार को महिला से कंट्रोल रूम से संपर्क करने को कहा गया। महिला ने कंट्रोल रूम नंबर लगातार बिजी होने की बात ट्वीटर पर कहीं। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने महिला को ट्वीट कर अपना व्हाट्सएप नंबर देकर दवाओं की जानकारी मांगी और वह दवाएं शहर में ही मिलने की बात कही। नोएडा की रहने वाली कनुप्रिया ने डीएम को ट्वीटर पर बताया कि ससुर की दवाएं लखनऊ में मिलेगी। पीलीभीत में यह दवाएं नहीं मिलती हैं। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बुधवार को दवा की जानकारी लेने के बाद सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल से दवाओं के संबंध में जानकारी मांगी और महिला के ससुर के घर तत्काल दवा पहुंचाने के लिए निर्देश दिए। सीएमओ के निर्देश पर डॉ. आरके सिंह ने बुधवार अपराह्न महिला के ससुर के घर जाकर दवाएं उपलब्ध करा दीं। कुछ देर बाद ही महिला ने डीएम को दवा घर पहुंचने की जानकारी दी। डीएम ने बताया कि महिला के ट्वीट को संज्ञान मेें लेते हुए दवा उसके घर पहुंचा दी गई हैं। अकारण एक शहर से दूसरे शहर निकलकर आने से लोग बच गए। उनका प्रत्येक नागरिक से अनुरोध है कि लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। यात्रा से बचें। शारीरिक दूरी का पालन करें। घर पर ही रहें।
लखनऊ में फंसा मरीज घर लौटा
बीसलपुर। डीएम से अनुमति मिलने के बाद मोहल्ला दुबे निवासी सुषमा देवी लखनऊ में एक पखवाड़े से फंसे अपने बीमार पति को अपने घर ले आईं। उन्होंने बताया कि उनके पति सुरेश सक्सेना 21 मार्च को लखनऊ में दवा लेने गए थे। 22 मार्च को वह वापस आने को थे लेकिन तब तक जनता कर्फ्यू लग गया। उसके बाद वह लॉकडाउन में लखनऊ के मोहल्ला हिंदनगर में फंस गए। कोई बात बनते न देखकर उन्होंने चार दिन पूर्व डीएम वैभव श्रीवास्तव से पति को वापस लाने की अनुमति ली। फिर वह किराए की कार से लखनऊ जाकर अपने बीमार पति को घर ले आई।