पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में लगातार बारिश के बाद निचले इलाकों की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। जंगल के कच्चे रास्ते जलभराव और दलदल में तब्दील हो गए हैं। कई मार्गों पर पेट्रोलिंग वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन अफसर और कर्मचारी पानी व कीचड़ के बीच पैदल गश्त कर रहे हैं।
बरसात के दौरान जंगल के दुर्गम रास्तों और घनी घास का फायदा शिकारी व वन अपराधी उठा सकते हैं। इसे देखते हुए पीटीआर प्रशासन ने 30 सितंबर तक ऑपरेशन मानसून के तहत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने जलभराव के कारण गश्त में किसी तरह की लापरवाही न बरतने को कहा है। भारत-नेपाल सीमा से सटे महोफ, बराही और हरीपुर रेंज में पांच विशेष सुरक्षा टीमें गठित की गई हैं।
इनमें दो टीमें टाटरगंज, गुन्हान और शारदा नदी किनारे तथा उत्तराखंड सीमा पर रात्रि गश्त कर रही हैं। एक टीम चंदिया हजारा, खिरकिया-बरगदिया और ढक्का चाट क्षेत्र में तैनात है। वहीं माला, गढ़ा, लालपुर, रामनगर और बानगंज में अवैध कटान तथा दियूरिया रेंज में अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी जारी है। संवाद