जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में व्यवस्था देखते स्टेमी नोडल चिकित्सक। संवाद
पीलीभीत। अब जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हृदयाघात के रोगियों को बेहतर उपचार व जीवन रक्षक इंजेक्शन लगाकर उनकी जान बचाई जा सकेगी। एनएचएम की स्टेमी (एसटीईएमआई) परियोजना के तहत स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण के बाद जिला अस्पताल में अन्य तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। इमरजेंसी वार्ड में इको, ईसीजी मशीन व बेड आदि की व्यवस्था की गई। अस्पताल को मिले तीन जीवन रक्षक इंजेक्शन को सुरक्षित रखा गया। हृदयाघात के मरीजों को समय रहते प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर रेफर करने की परियोजना स्टेमी का प्रशिक्षण बीते सप्ताह जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एसपी सिंह और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने लखनऊ में लिया था। इसके बाद इस योजना को धरातल पर उतारने के प्रयास किए गए। सोमवार को इमरजेंसी वार्ड में स्टेमी मरीज के लिए बेड सुरक्षित करने के साथ इको, ईसीजी मशीन व दवाओं की उपलब्धता आदि की स्टेमी नोडल चिकित्सक डॉ. एसपी सिंह ने जानकारी ली। वहीं, जीवनरक्षक टैक्सानेटेक प्लस इंजेक्शन भी अस्पताल को मिल गए हैं। इंजेक्शन की कीमत 40 हजार है।
मेडिसिन चिकित्सक डॉ. विनीत बंसल, डॉ. जीके अनेजा, डॉ. पायस आदि ने स्टेमी तैयारियों की जानकारी ली। संवाद