जेल में बंद आरोपी की पत्नी की जमानत पर पांच मार्च को होगी सुनवाई
पीलीभीत। एक करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन में चर्चा में आए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध बिल लिपिक इल्हाम शम्सी की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट सात मार्च को सुनवाई करेगा। वहीं, जेल में बंद उसकी पत्नी अर्शी खातून की जमानत याचिका पर पांच मार्च को सुनवाई होगी।
उल्लेखनीय है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आठ साल से बिल लिपिक का कार्य देख रहे जनता टेक्निकल इंटर काॅलेज बीसलपुर के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी पर 1.1 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का आरोप लगा था। यह आरोप लगाते हुए डीआईओएस ने मामला दर्ज कराया था। इल्हाम की पत्नी अर्शी के बचत खाते में यह रकम ट्रेजरी से 98 बार लेनदेन के जरिए पहुंची थी। बैंक प्रबंधक ने शक के आधार पर मामले से डीआईओएस को अवगत कराया था। प्रकरण सामने आने के बाद इल्हाम को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई थी।
18 फरवरी को इल्हाम शम्सी व उनकी पत्नी की ओर से उनके अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। इस पर 26 फरवरी को सुनवाई होना थी। इससे पहले कि सुनवाई हो पाती। पुलिस ने 19 फरवरी को अर्शी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया, जबकि इल्हाम पुलिस के हाथ नहीं लगा। 26 फरवरी को उसकी अग्रिम जमानत पर सुनवाई होना थी। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से तैयारी के लिए समय मांग लिया। जिला एवं सत्र न्यायालय में अब इल्हाम की अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए सात मार्च, जबकि उसकी पत्नी की जमानत के लिए पांच मार्च को सुनवाई करने की तिथि निर्धारित की है। संवाद