बीसलपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खांडेपुर की प्रभारी चिकित्साधिकारी के अवकाश पर जाने की वजह से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं भी करीब एक माह से छुट्टी पर चल रहीं हैं। अस्पताल में फार्मासिस्ट भी नहीं है। मरीजों को परामर्श और दवा के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। जिम्मेदारों ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है।
बीसलपुर सीएचसी के खांडेपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. उज्जमा अख्तर 10 से 25 जनवरी तक अवकाश पर गईं थीं, लेकिन वह अब तक छुट्टी से नहीं लौटीं। इस दौरान गणतंत्र दिवस पर अस्पताल में ध्वजारोहण न होने पर उनका एक दिन का वेतन भी काटा गया। बताते हैं कि उन्होंने छुट्टी बढ़वा ली है।
इधर, पीएचसी में फार्मासिस्ट भी नहीं है। सारी व्यवस्था एक वार्डबॉय के भरोसे हैं। डॉक्टर के न होने के कारण अन्य कर्मचारी भी मनमाने ढंग से अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में प्रतिदिन मरीज और उनके तीमारदार मायूस होकर लौट जाते हैं।
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इन गांव के मरीजों को हो रही दिक्कत
खांडेपुर के अलावा रंपुरा रना, बरसिया, चौखंडी, रढ़ैता, शहवाजपुर, उगनपुर मरौरी, बसारा, नगीपुर अखौला, अखौली, मझगवां, अमृता खास, दौलतपुर हीरा, बैदखेड़ा, मानपुर, जानपुर, अहिरवाड़ा, दुवहा, हुसियापुर आदि ग्रामों के मरीजों को हो रही है। इन लोगों को बीसलपुर जाना पड़ता है।
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लोगों ने जताया रोष
गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आए दिन बंद रहता है। इससे क्षेत्रीय मरीजों को काफी दिक्कत होती है। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन हैं।
- शरदपाल सिंह, पूर्व प्रधान खांडेपुर
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व्यवस्था दुरुस्त कराने के संबंध में विभागीय अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। पता नहीं किस वजह से अब तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गई हैं।
- नरेंद्र पाल सिंह, खांडेपुर
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खांडेपुर की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. उज्जमा अख्तर लंबे अवकाश पर हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य केंद्र में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। जरूरत पड़ने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर के डॉक्टर को वहां भेजा जाएगा।
- डॉ. आलोक शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी पीलीभीत