जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
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पीलीभीत। एक तरफ जिले के निजी अस्पताल बुखार के मरीजों से पटे पड़े हैं वहीं जिला अस्पताल में डेंगू और बुखार वार्ड पर ताला पड़ा था। मरीजों को भर्ती ही नहीं किया जा रहा था। अमर उजाला ने जब इस मुद्दे का उठाया तो अफसर चेते। वार्ड के ताले खोल दिए गए। इसके साथ ही बुखार के पीड़ितों को भर्ती करना शुरू कर दिया गया। ताले खुलते ही हाल रहा कि महज 48 घंटों में ही वार्ड बुखार के मरीजों से भर गया।
डेंगू और मलेरिया के सीजन में जिला अस्पताल का बुखार वार्ड बंद पड़ा था। यहां मरीजों को भर्ती ही नहीं किया जा रहा था। जिस कारण मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे थे। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने जिला अस्पताल के डेंगू और बुखार वार्ड के बंद होने की खबर प्रकाशित की। इसके बाद अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया। साथ ही सीएमएस को तत्काल वार्ड खोलकर अस्पताल आने वाले मरीजों को भर्ती करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद डेंगू और बुखार वार्ड खोल दिए गए। अस्पताल आने वाले बुखार से पीड़ित गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाना शुरू कर दिया गया। नतीजतन महज 48 घंटों के भीतर दोनों वार्ड भर गए।
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अवकाश से नहीं लौटे फिजीशियन, आयुष डॉक्टर देख रहे मरीज
जिला अस्पताल में एकमात्र फिजीशियन डॉ. रमाकांत सागर दीपावली के बाद से छुट्टी पर हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना मरीजों की संख्या एक हजार से ऊपर पहुंच रही है। इनमें अधिकतर बुखार से पीड़ित हैं। फिजीशियन के न होने से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीज केवल आयुष चिकित्सक के परामर्श से काम चला रहे हैं। शुक्रवार को भी डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान रहे। बिलसंडा क्षेत्र के रहने वाले दशरथ ने बताया कि पुत्र के सिर में दर्द हो रहा है। बेहतर इलाज का भरोसा कर करीब 50 किलोमीटर दूर से जिला अस्पताल पहुंचे। पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर की तलाश की तो पता चला कि वह छुट्टी पर हैं। इंतजार के बाद लौटना मजबूरी बन गया। सिरसा निवासी सुशीला देवी ने बताया कि बुखार, खांसी के अलावा अन्य समस्या से तीन दिन से परेशान हैं। जैसे तैसे शुक्रवार को 11 बजे अस्पताल पहुंचे। लाइन में लगकर पर्चा बनवाया लेकिन कक्ष में पहुंचने पर डॉक्टर की कुर्सी खाली मिली।
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जांच रिपोर्ट न आने से हो रही दिक्कत
शुक्रवार को जिला अस्पताल के बुखार वार्ड के बाहर पड़ी बेंच पर असम चौराहा का रहने वाला बुखार से पीड़ित सचिन रिपोर्ट नहीं आने के कारण चार घंटों तक लेटा रहा। सचिन के पिता रामपाल ने बताया कि बुखार से पीड़ित पुत्री सोना भी अस्पताल में भर्ती है।
इसी क्रम में बीसलुपर के मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी दामोदर दास ने बताया कि उसके तीस वर्षीय पुत्र महेश को बीस दिन से बुखार आ रहा है। बृहस्पतिवार को उसे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जांच के लिए डॉक्टर ने सैंपल तो लिया, लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद तक रिपोर्ट नहीं मिली। उन्होंने बताया कि शुक्रवार करीब एक बजे तक किसी भी डॉक्टर ने मरीज का हाल नहीं जाना।