पीलीभीत। एल-2 कोविड अस्पताल में वेंटीलेटर क्रियाशील न रखना और ऑक्सीजन स्टेशन तय समय में पूरा न करना सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन और एल टू कोविड अस्पताल के डॉक्टर राजेश को भारी पड़ गया। शासन ने कार्य में लापरवाही करने के आरोप में दोनों को निलंबित कर दिया है। इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई जिले के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर की गई है।
पिछले साल कोरोना के कहर बरपाने के बाद शासन ने जुलाई 2020 में जिला अस्पताल को 16 वेंटीलेटर मुहैया कराए थे। इन वेंटीलेटर का कभी इस्तेमाल ही नहीं किया गया। कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद जिला अस्पताल के सीएमएस ने सभी वेंटीलेटर एल-2 कोविड अस्पताल को दे दिए थे। खास बात यह कि एल-2 कोविड अस्पताल में भी वेंटीलेटर इस्तेमाल अनहीं किए गए। इसके अलावा ऑक्सीजन स्टेशन का काम सितंबर 2020 तक पूरा हो जाना चाहिए था, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। वेंटीलेटर चालू कराने के लिए स्टाफ की नियुक्ति भी नहीं हो सकी, जिसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शासन से आए नोडल अधिकारी व सचिव उच्च शिक्षा विभाग शमीम अहमद खान ने बृहस्पतिवार को कोविड अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो लापरवाही सामने आ गई। नोडल अधिकारी ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन और एल टू कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
दूसरे अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज
पीलीभीत। वेंटिलेटर के क्रियाशील न मिलने पर जिला अस्पताल के सीएमएस और एल-2 कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी पर निलंबन के बाद अभी कई अन्य जिम्मेदारों पर भी गाज गिर सकती है। नोडल अधिकारी को अभी भी कमियां मिल रही है। जिनकी वह खुद गहनता से पड़ताल कर रहे हैं। यही वजह रही कि लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी वह एल-2 कोविड अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। काफी देर तक स्टाफ से मरीजों को मुहैया कराए जा रहे इलाज के बारे में जानकारी जुटाई।
नोडल अधिकारी शमीम अहमद खान ने बताया कि लगातार वेंटिलेटर न चलने को लेकर सूचना मिली थीं। हकीकत जानने के लिए बृहस्पतिवार रात जब वह अचानक गए तो पूछने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से सही जवाब नहीं दिया गया था। जंबो सिलिंडर से ऑक्सीजन की सप्लाई देने की बात कह दी गई थी। इसे चेक कराया गया तो किसी भी मरीज को वेंटिलेटर न लगाया जाना पाया गया। दूसरे दिन शुक्रवार को भी निरीक्षण किया गया। अभी भी वेंटिलेटर की क्रियाशीलता को लेकर खामियां निकलकर आ रही है। अभी और गहराई से इसकी जांच पड़ताल कर रहे हैं। कोरोना संक्रमितों के इलाज से जुड़े अन्य बिंदुओं को भी देखा जा रहा है। उधर, दो अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद सीएमओ और सीएमएस जिला महिला अस्पताल का भी जवाब तलब होने की चर्चाएं तेज रहीं। यह दोनों अधिकारी खुद भी इसे लेकर चर्चा करते दिखे। हालांकि इसे लेकर अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। नोडल अधिकारी ने भी अनभिज्ञता जताई।
सीएमएस जिला अस्पताल और एल-2 कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी निलंबित किए गए हैं। उन्होंने शासन से भेजे गए वेंटीलेटर क्रियाशील करने और ऑक्सीजन स्टेशन के काम में लापरवाही की थी। इसी को लेकर शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। - शमीम अहमद खान, जिले के नोडल अधिकारी