पीलीभीत। टीकाकरण के बाद मुरादाबाद में वार्ड ब्वॉय की टीका लगने के बाद तबीयत बिगड़ने और हार्टअटैक से मौत का मामला सामने आने के बाद शासन ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब कोरोना वैक्सीन का टीका लगाने से पहले व्यक्ति से यह पूछा जाएगा कि उसे हाल ही में कोई अन्य टीका तो नहीं लगा है। उस वक्त उसे टीकाकरण के बाद कोई दिक्कत तो नहीं आई थी। अगर इसमें कोई दिक्कत का पता लगता है तो पहले स्वास्थ्य परीक्षण होगा। पहले चरण के दोनों सत्र में चार एईएफई (एडवर्स इवेंट फॉलोइंग एम्युनिजेशन) होने पर स्वास्थ्य विभाग परेशान है। इसके अलावा मुरादाबाद में टीकाकरण के बाद वार्ड ब्वॉय की मौत का मामला भी आ चुका है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग उसकी मौत बीमारी से बता रहा है। शासन ने अब एक और एडवाइजरी जारी की है। टीकाकरण बूथ पर टीका लगवाने वाले व्यक्ति से वैक्सीनेटर को सवाल करेगा कि पहले उसे कभी कोई टीका लगा है। अगर लगा है, तो टीके का कोई एनाफिलेक्सिस और एलर्जिक रिएक्शन हुआ है या नहीं। ऐसे लोगों को वैक्सीन की डोज नहीं दी जाएगी। पहले उनका पूरा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही टीकाकरण होगा। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि शासन से दिशा-निर्देश मिले हैं। उसी के तहत काम कराया जाएगा।
इन लोगों को नहीं लगेगी कोविड-19 वैक्सीन की डोज
कोविड-19 वैक्सीन 18 वर्ष से कम आयु वाले लोगों नहीं दिया जाना है।
जिन्हें कभी किसी टीके का एलर्जिक रिएक्शन हुआ हो।
गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीका नहीं लगेगा।
कोरोना संक्रमण के पॉजिटिव/ सक्रिय लक्षण वाले व्यक्ति।
कोरोना संक्रमण के मरीज जिन्होंने एंटीबॉडी या प्लाज्मा दिया हो।
जो व्यक्ति किसी भी गंभीर बीमारी के कारण अस्वस्थ है या अस्पताल में भर्ती है