पीलीभीत। डॉ. योगेंद्रनाथ मिश्र की डिग्रियों को लेकर चल रही पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर अटक गई है। मुंबई के मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष से पूछे गए सवालों के जवाब ई-मेल के जरिए पुलिस तक पहुंच गए हैं, लेकिन जवाब जिस लेटर पर भेजे गए हैं उस पर विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं हैं। ऐसे में लेटर किसी काम का नहीं है। लिहाजा अब पुलिस ने हस्ताक्षर युक्त कॉपी भेजने को कहा है। मगर पता चला है कि विभागाध्यक्ष विदेश यात्रा पर हैं। उनके लौटने के बाद ही हस्ताक्षरयुक्त पत्र मिल सकेगा।
गौहनिया चौराहा के नजदीक स्थित पंडित मैकूलाल वीरेंद्रनाथ हॉस्पिटल के डॉ. योगेंद्र नाथ मिश्र पर लाश को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज के नाम पर वसूली करने का आरोप लगा था। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जांच की तो आरोप सही पाए गए। उधर, सर्जरी की डिग्री भी फर्जी पाई गई थी। एसीएमओ की तरफ से सुनगढ़ी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। अस्पताल को भी सील कर दिया गया था। बीते दिनों डिग्री की जांच करने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मुंबई गई थी। वहां एक मेडिकल कॉलेज में जाकर डिग्रियों से जुड़ी जानकारी जुटाई थी। आवश्यक अभिलेख भी पुलिस को प्राप्त हो गए थे। कुछ सवालों के जवाब न मिलने पर ई-मेल भेजकर मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल गोयल से जवाब मांगा था। उनका जवाब पुलिस को मिल गया, लेकिन उसमें कहीं भी विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं थे। इसलिए उसे पुलिस बतौर साक्ष्य इस्तेमाल नहीं कर सकती थी। इसको लेकर एक और ई-मेल भेजा गया है। फिलहाल डॉक्टर की गिरफ्तारी भी अभी तक नहीं की जा सकी है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि कार्रवाई जारी है। इसमें कोई ढील नहीं दी जा रही है।