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अब शासन भी जानेगा सीएमओ कार्यालय में चल रहा खेल

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पीलीभीत। सीएमओ कार्यालय के औचक निरीक्षण में निजी अस्पतालों के पंजीकरण और नवीनीकरण में पकड़ी गईं अनियमितताओं और बाबुओं के काली कमाई करने के खेल की रिपोर्ट जिलाधिकारी डीएम वैभव श्रीवास्तव ने शासन को भेज दी है। ऐसे में पंजीकरण, नवीनीकरण मेें मुख्य भूमिका निभाने वाले लिपिक, तत्कालीन सीएमओ समेत कई अफसरों की गर्दन फंसना तय है। दरअसल, डीएम ने स्पष्ट कहा है कि गड़बड़ी हुई है। 14 पन्नों की जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने का पता चलते ही स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में कार्रवाई को लेकर अफरातफरी है।
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पिछले दिनों लाश का इलाज करने और डॉक्टर की फर्जी डिग्री का पता चलने के साथ ही अन्य अस्पतालों के पंजीकरण और नवीनीकरण में चल रहे खेल का पता चलने और एक माह के भीतर सीएमओ कार्यालय के दो लिपिकों नाहिद और नीरज श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज होने का मामला सुर्खियों में छाया रहा। हकीकत परखने को डीएम वैभव श्रीवास्तव जब बीते शनिवार को प्रशासनिक अफसरों संग जांच पड़ताल के लिए सीएमओ ऑफिस पहुंचे तो पंजीकरण, नवीनीकरण संबंधी पत्रावलियों में तमाम अनियमितताएं मिलीं थीं। खेल में मुख्य भूमिका निभाने वाला लिपक नदारद हो गया था। ऐसे में डीएम ने पंजीकरण और नवीनीकरण संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे एसीएमओ डॉ. वीबी राम का स्पष्टीकरण लेने के साथ ही वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए थे। इधर, डीएम वैभव श्रीवास्वत ने छापे के दौरान तलब की गई पत्रावलियों की समीक्षा के बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। 14 पन्नों की जांच रिपोर्ट में सीएमओ कार्यालय के चर्चित लिपकों समेत तत्कालीन कुछ अफसरों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

शिकायतकर्ता को मैनेज करने की चर्चा जोरों पर
पीलीभीत। एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर 24 जुलाई को न्यूरिया कस्बा निवासी नदीम ने पत्नी नेहा का अल्ट्रासाउंड कराया था। जांच रिपोर्ट में जीवित गर्भस्थ शिशु की रिपोर्ट निगेटिव देकर महिला की जान को खतरा बताकर तुरंत एबॉर्शन कराने का दबाव बनाया जाने लगा था। इस मामले की शिकायत मिलने पर डीएम के निर्देश पर प्रभारी सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर दी। इस मामले की जांच भले ही अभी शुरू नहीं हो सकी है लेकिन इस बीच प्रकरण को मैनेज करने के लिए शिकायकर्ता पर दबाव बनाए जाने की बात निकलकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। शिकायतकर्ता नदीम ने भी इस बात को स्वीकार किया कि उस पर कुछ लोग शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। ब्यूरो
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