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बच्चों के दिल में थे छेद, अब मिली नई जिन्दगी

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पीलीभीत। दो मासूमों को जिंदगी का वरदान मिला है। दिल में छेद की बीमारी के कारण दोनों बच्चों के माता-पिता आर्थिक तंगी के कारण उपचार नहीं करवा पा रहे थे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम उनके लिए सहारा बनीं। दोनों बच्चों का अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में निशुल्क इलाज कराया। समय से इलाज मिलने पर उनकी जान बच गई।
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योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अश्वनी गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आरबीएसके कार्यक्रम के तहत जिले में 14 हेल्थ टीमें कार्यरत हैं। प्रत्येक टीम आंगनबाड़ी, स्कूलों आदि में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर कई प्रकार की बीमारियों की स्क्रीनिंग कर रही है। डीईआईसी प्रबंधक मो. जुबेर ने बताया कि बीसलपुर की एक टीम ने 13 जून को गांव मीरपुर में दीप सिंह के दो साल छह महीने के बेटे नवनीत को चिह्नित किया था। जिसके दिल में छेद था। इसी तरह बीसलपुर के बुढिया निवासी सिपट्टर के दो महीने दो दिन के बेटे पवन के दिल में छेद होने की जानकारी मिलने पर सीएचसी पर चेकअप कराया गया। जांच उपरांत सीएमओ के अनुमोदन पर दोनों बच्चों को दिल में छेद के ऑपरेशन के लिए 17 जूून को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यहां तीन दिन पूर्व शल्य क्रिया द्वारा सफल और निशुल्क इलाज होने के बाद दोनों बच्चे स्वस्थ है।

दिव्यांगों को लगेगा कृत्रिम अमेरिकन हाथ
पीलीभीत। निशक्त जनसेवा संस्थान अब दिव्यांगो को कृत्रिम अमेरिकन हाथ उपलब्ध कराएगी। सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष समाजसेवी अमृतलाल ने बताया कि एक कैंप का नौ फरवरी 2020 को आयोजन होने जा रहा है। इस कैप में जनपद के साथ-साथ उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कटे हाथ वाले दिव्यांगो को अमेरिकन कृत्रिम हाथ लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कैंप को लेकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए 9837009375 पर संपर्क कर सकते हैं। ब्यूरो
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