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मुंबई के मेडिकल कॉलेज में खंगाली डिग्री, अभी मिली नहीं

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पीलीभीत। लाश का इलाज, फर्जी डिग्री से अस्पताल के पंजीकरण जैसे आरोपों में घिरे डॉक्टर की डिग्रियों की सत्यता जानने और साक्ष्य जुटाने मुंबई गई पुलिस टीम का गुरुवार का दिन भी इंतजार में ही बीत गया। मेडिकल कॉलेज में पहुंचने के बाद विवेचक सर्जरी के विभागाध्यक्ष का घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन उनके ऑपरेशन में व्यस्त होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। अब शुक्रवार को एक बार फिर मुलाकात का प्रयास किया जाएगा।
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शहर के एक अस्पताल के संचालक डॉक्टर की बीते माह शिकायत हुई थी। आरोप था कि उन्होंने लाश को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज के नाम पर मरीज के परिवारवालों से एक लाख रुपये वसूले थे। इसके अलावा एक अन्य मरीज की इलाज में लापरवाही से मौत का भी आरोप था। अस्पताल भी फर्जी डिग्रियों से संचालित निकला था। कई दिन चली जांच पड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया था। इसके अलावा डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संगीन धाराओं में एफआईआर एसीएमओ की तरफ से सुनगढ़ी थाने में दर्ज कराई गई थी। डॉक्टर की डिग्रियों को लेकर साक्ष्य जुटाने के लिए विवेचक इंस्पेक्टर नरेश पाल सिंह मुंबई में डेरा जमाए हुए हैं। आरोपी डॉक्टर की ओर से बताया था कि उन्होंने केईएम हास्पिटल एंड सेठ जीएस मेडिकल परेल मुंबई से न्यूरो सर्जरी में ट्रेनिंग की है। उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ फैलोशिप इन न्यूरो सर्जरी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट डॉ.अतुल गोयल ने जारी किया है। ऐसे में विवेचक डॉ.अतुल गोयल से मिलकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन डॉ. गोयल की व्यस्तता के चलते मुलाकात नहीं हो पा रही है। विवेचक ने बताया कि बुधवार को वह मेडिकल कॉलेज गए थे। काफी देर इंतजार करते रहे, लेकिन सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ.अतुल गोयल के आपरेशन में व्यस्त होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो सकी है। वह ऑपरेशन करने के बाद चले गए। फिल्हाल गहनता से जानकारी की जा रही है। चूंकि विभागाध्यक्ष से ही साक्ष्य मिल सकते हैं, इसलिए शुक्रवार को फिर प्रयास किया जाएगा।
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