पीलीभीत। लाश को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज करने और अस्पताल संचालक डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाए जाने के मामले में पंजीकरण निरस्त करने के बाद तीन अगस्त को अस्पताल की ओपीडी समेत कुछ वार्ड सील कर दिए गए थे। वार्डों में भर्ती मरीजों को अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए सीएमओ ने अस्पताल प्रशासन को तीन दिन की मोहलत दी थी। आरोप है कि इसके बाद भी अस्पताल में गुपचुप तरीके से मरीज देखे जा रहे थे। इसकी शिकायतें अफसरों तक पहुंचने लगी। इधर, निर्धारित समय बीतने के बाद भी कार्रवाई न होने से स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे थे। इस पर बुधवार को डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अस्पताल के सभी वार्डों में ताले डाल दिए। अब अस्पताल में सभी चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं। एसीएमओ डॉ. अश्वनि गुप्ता ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर अस्पताल के सभी वार्ड आज सील कर दिए गए हैं। अस्पताल में किसी भी तरह की चिकित्सा सेवा पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पूरनपुर निवासी राजू के परिवार वालों ने 18 जुलाई को प्रशासन से शिकायत की थी कि गौहनिया चौराहे स्थित पं. मैकूलाल वीरेंद्रनाथ अस्पताल में राजू की मौत के बाद भी उसकी लाश को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज कर एक लाख रुपये वसूल लिए गए। शिकायत के साथ राजू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इसमें राजू की मौत का समय 12 से 24 घंटे पहले होना बताया था। प्रकरण संज्ञान में आने पर डीएम ने सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल से 24 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा। आनन-फानन में तीन एसीएमओ का पैनल गठित कर मामले की जांच कराई गई। आरोपी डॉक्टर के बयान भी लिए गए। जांच में सात घंटे लाश वेंटिलेटर पर रखकर इलाज करने की पुष्टि हुई। इधर, आरोपी डॉक्टर की एमएस और एमसीएच की डिग्री भी जांच में फर्जी पाई गई।
शासन से कार्रवाई के आदेश मिलने पर सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने तीन अगस्त को सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया, एसडीएम सदर वंदना त्रिवेदी, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल आदि के साथ अस्पताल पहुंचकर ऑपरेशन थियेटर, बर्न वार्ड, डॉ. योगेंद्रनाथ मिश्रा का चैंबर सील कर दिया था। वार्डों में भर्ती मरीजों को तीन दिन में अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने की मोहलत दी गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने अग्रिम कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी। अफसरों के बीच चर्चा थी कि अस्पताल में ओपीडी चल रही है। इसके बाद आनन-फानन में डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने एसीएमओ डॉ. अश्वनि गुप्ता, डॉ. आरपी सिंह आदि को भेजकर अस्पताल के सभी वार्डों में तालाबंदी करा दी। इस दौरान सुनगढी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेशपाल सिंह भी मय फोर्स के साथ मौजूद रहे।
डीएम के निर्देश पर मैकूलाल अस्पताल को पूरी तरह सील कर दिया गया है। अब वहां किसी भी तरह की चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं होगी। अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को शिफ्ट करने के लिए दिया गया समय पूरा होने और लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद अस्पताल में मरीज देखे जाने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।
-डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ