पीलीभीत। छह साल तक चली जांच के बाद सीएमओ दफ्तर के बाबू पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की रिपोर्ट अब दर्ज कराई जा सकी। इस बात से बाबू की पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिले एक दिग्गज नेता से उसकी करीबी जगजाहिर है। इसी के चलते वह बेशुमार दौलत का स्वामी बन गया।
एक माह के भीतर सीएमओ दफ्तर के दो लिपिकों पर कार्रवाई होने से मामला हर तरफ चर्चा का विषय बना है। लेकिन नाहिद को लेकर चर्चा ज्यादा गर्म है। बताते हैं कि सपा सरकार में उसके संबंधों के कारण अफसर भी उस पर मेहरबान रहते थे। कई मामलों में उसकी शिकायतें हुईं, जो दबा दी गईं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सीएमओ कार्यालय के कई कर्मचारियों ने अनफिट होने का प्रमाण पत्र बनवाकर खुद की ड्यूटी नहीं लगवाई थी। नाहिद खां ने भी इसी तरह से एक प्रमाण पत्र बनवाया था। जिला निर्वाचन कार्मिक का कार्य संभालने वाले तत्कालीन सीडीओ के कार्यालय में तैनात एक बाबू ने इसमें नाहिद की खासी मदद की थी। जब ये मामला अन्य अधिकारियों के सामने आया तो उन्होंने इसे गंभीर और आपराधिक श्रेणी का बताया था। लेकिन अभी इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बिना अनुमति कर आया था विदेश यात्रा
लिपिक नाहिद खां के राजनेताओं से करीबी और उसके रसूख की बात करें तो वह बिना अनुमति विदेश यात्रा भी कर आया था। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो यह यात्रा सपा सरकार में मंत्री रहे एक दिग्गज के साथ की गई थी।
एंटी करप्शन से ही होगी विवेचना
आय से अधिक संपत्ति को लेकर बीते दिनों लिपिक नाहिद खां पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट की विवेचना भी भ्रष्टाचार निवारण संगठन की बरेली इकाई द्वारा की जाएगी। कोतवाली में दर्ज एफआईआर को वहीं पर भेजा जाएगा। एसएसआई पुष्कर सिंह ने बताया कि दरअसल, इस तरह के मामलों की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन से ही होती है। जल्द विभागीय कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
लिपिक नाहिद खां पर हुई कानूनी कार्रवाई की खबर मिली है, लेकिन अब तक इसकी कोई लिखित सूचना हमारे पास नहीं भेजी गई है। लिखित सूचना मिलने के बाद नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल लिपिक नाहिद खां को टीबी अस्पताल के लिए रिलीव कर दिया है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ