पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके 48 चिकित्सकों की इंटर्नशिप शुरू होने से मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा हो गया है। एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) के नियमानुसार इन सभी चिकित्सकों की तैनाती एक वर्षीय प्रशिक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज में की गई है। चिकित्सकों का प्रशिक्षण शुरू होने से भर्ती वार्डों से लेकर ओपीडी तक चिकित्सकों की संख्या बढ़ गई है। सभी चिकित्सक नियमित मरीजों को परामर्श देने के साथ वार्डों में भर्ती मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति देखने पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में पूर्व से ही 100 से अधिक चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें प्रोफेसर, एसो. प्रोफेसर, सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट आदि हैं। यह मरीजों को नियमित परामर्श देने के साथ ऑपरेशन, आईपीडी, इमरजेंसी में मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं। अब एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार विदेशों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके प्रशिक्षण के लिए उनको जिला अस्पताल में एक वर्ष के लिए तैनात किया है। इन 48 चिकित्सकों ने युक्रेन, रशिया, क्रिगिस्तान, चाइना, कजाकिस्तान आदि देशो में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। एनएमसी की परीक्षा उत्तीर्ण के बाद यह जिला अस्पताल के विभागाध्यक्षों व अन्य चिकित्सकों से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देते हुए प्रशिक्षण पूरा करेंगे। इनकी तैनाती के बाद इन चिकित्सकों से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी मिल रही हैं।
16 विभागों में तैनात किए प्रशिक्षु चिकित्सक
जिला अस्पताल में प्रशिक्षण ले रहे इन प्रशिक्षु चिकित्सको को डमेंटोलॉजी, होम्योपैथी, रेडियो डाइग्नोसिस, रेसपिरेट्री मेडिसिन, आर्थोपेडिक्स, इमरजेंसी, सइकियाट्री, एनेस्थिसियोलॉजी, आब्स एंड गायनी, पीडियाट्रिक्स, कम्यूनिटी मेडिसिन, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन, फोरेंसिक मेडिसिन, ईएनटी, आप्थल्मोलॉजी 16 विभागों में तैनात किया है। जहां से इनको प्रशिक्षण मिलेगा और ये प्रशिक्षु चिकित्सक सेवाएं देंगे।
एमबीबीएस पढ़ाई पूरे कर चुके प्रशिक्षु चिकित्सकों को इंटर्नशिप के लिए मेडिकल कॉलेज में तैनात किया है। इससे मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। सभी चिकित्सकों की डयूटी ओपीडी, आईपीडी आदि में वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ लगा दी है।
डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय