पीलीभीत। बच्चों में देर तक मोबाइल चलाना और टीवी स्क्रीन के सामने बैठने की आदत तेजी से बढ़ रही है। इससे तेज रोशनी बच्चों की कमजोर आंखों पर गहरा असर डाल रही है। आंखों की रोशनी कम, धुंधला दिखना, आंखों से पानी निकलना, सूखापन आदि की समस्याएं बच्चों में देखी जा रही हैं। चिकित्सकों का कहना है अगर बचपन में बच्चों की आंखों पर प्रभाव पड़ रहा है तो परिजनों को विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
जिला अस्पताल की नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. प्राची ने बताया कि लगातार मोबाइल, टैबलेट और टीवी देखने से बच्चों की आंखों पर तीन तरह का असर पड़ता है। अत्यधिक रोशनी व नजदीक से स्क्रीन देखने के कारण आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ जाता है। दूसरा स्क्रीन देखते समय पलकें कम झपकती हैं जिससे आंखें सूखने लगती हैं। वहीं तेज और लगातार बदलती रोशनी आंखों की प्राकृतिक क्षमता को प्रभावित करती है। इससे नजर कमजोर पड़ने लगती है। उन्होंने इन समस्याओं को बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर बताया।
नेत्र रोग चिकित्सक ने दी यह सलाह
नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. प्राची ने आंखों की रोशनी मजबूत रखने के लिए कुछ सलाह बताईं। इसमें उन्होंने बच्चों पर 20-20-20 का नियम अपनाने की सलाह दी। इसमें खाली समय 20 मिनट बाद 20 सेकेंड के लिए 20 फीट दूर बच्चे को किसी वस्तु को देखने को कहें। मोबाइल, टीवी और स्क्रीन का उपयोग प्राकृतिक रोशनी में कराएं। रात में अंधेरे में मोबाइल बिल्कुल न दें। बच्चों को बाहर खेलने, धूप लेने, दूरी से चीजें देखने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। आंखों में जलन या सूखापन होने पर डॉक्टर की ओर से बताई लुब्रिकेटिंग ड्रॉप ही उपयोग करें।