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Pilibhit News: मरीजों का दम फुला रही बाहर की दवा पर्ची

Fri, 07 Nov 2025 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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नरेंद्र
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पीलीभीत। मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर रोक सिर्फ कागजों पर ही है। जिला अस्पताल और बरखेड़ा सीएचसी के चिकित्सक अस्पताल आने वाले मरीजों को बाहर की दवा पर्ची थमा रहे हैं। शासन की सख्ती भी चिकित्सकों के सामने बेअसर है।
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मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सकों को मेडिकल कार्पोरेशन की ओर से निर्धारित सूची में लिखी दवाएं ही मरीजों को लिखने के निर्देश हैं। बाहर की दवा लिखने पर पूर्व से ही रोक है। अब शासन ने और भी सख्ती कर दी है। बाहरी दवाएं लिखने वाले चिकित्सकों को अब निलंबित किया जाएगा लेकिन बाहरी मेडिकल स्टोर से सांठगांठ कर चिकित्सक मरीजों को सरकारी और सादे पर्चे पर बाहरी दवाएं लिख रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में की गई पड़ताल में दंत विभाग से लेकर हड्डी रोग विभाग के तक मरीजों को जिला अस्पताल में बाहर की दवाएं लिखी गईं। कुछ मरीज प्राइवेट मेडिकल की ओर जाते भी देखे गए।



बाहरी मेडिकल से दवा लिखने वाले चिकित्सक होंगे निलंबित
बृहस्पतिवार को शासन के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घाेष ने निर्देश जारी किया है कि पर्ची और अस्पताल के सरकारी पर्चे पर अगर बाहर की ब्रांडेड दवा मिली तो चिकित्सक के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। ओपीडी के समय गायब रहने वाले चिकित्सक भी चिह्नित किए जाएंगे। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को भी जिम्मेदार माना जाएगा।
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मुंह में समस्या होने पर जिला अस्पताल आया था। चिकित्सक ने कुल्ला करने के लिए के एक शीशी बाहर मेडिकल से लेने को कहा है। - नरेंद्र

घुटनों में दर्द लगातार बना रहता है, कमरा नंबर 13 में चिकित्सक ने एक दवा बाहर से लेने को बोला है। दवा पर्चे पर लिखी है।- बाबूराम
शरीर में दर्द बना रहता है आज बुखार भी आ रहा था, चिकित्सक ने दवा आधी-अधूरी दी है। दो गोली बाहर से लेने को बोला है। - भजनलाल

सरकारी चिकित्सालयों के चिकित्सकों को पूर्व से ही बाहरी मेडिकल पर दवाएं लिखने पर पाबंदी है। शासन के निर्देश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जन औषधि केंद्र पर भी काफी दवाएं उपलब्ध हैं। - डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
मरीज को दी बाहर की दवा पर्ची, जन औषधि केंद्र पर वसूल रहे मनमाने दाम
बरखेड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। कमीशन के खेल में बाहर की दवा लिखी जा रही है। वहीं सीएचसी परिसर के जन औषधि केंद्र पर भी मरीजों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। दवा पर न तो जन औषधि केंद्र की मुहर और न ही बिल दिया जा रहा है। जन औषधि केंद्र से एक विशेष मानक की मुहर लगी दवाएं बेची जा सकती हैं, जबकि मरीजों को बाजार में बिकने वाले सिरप दिए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि जन औषधि स्टोर पर एक विशेष लोगो की ही दवा की बिक्री होनी चाहिए। अगर इसके अलावा कुछ और बिक रहा हैं, तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
भाई हरद्वारी लाल को दवा दिलाने आए थे। डॉक्टर ने ताकत के दो सिरप बाहर दुकान से लिख दिए। मजबूरी में खरीदना पड़ेगा।- श्रीपाल, पिपरिया दियहना
बुखार के बाद कमजोरी की समस्या है। इसको लेकर ही अस्पताल आई थी। डॉक्टर ने बाहर की दवा लिख दी है। जन औषधि केंद्र पर दवा तो मिल गई, लेकिन बिल नहीं दिया। - रानी देवी, नकटा मुरादाबाद
कमजोरी की दवा लेने सरकारी अस्पताल गया था। वहां ताकत का सिरप डॉक्टर ने लिख दिया। जन औषधि स्टोर से खरीदने पर सौ रुपये लिए लेकिन कोई रसीद नहीं मिली।
धनपाल, मरीज
सिरप पर लोगो और बिल के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं दे सकते। कुछ दवाओं पर लोगो लगा है।- हनीफ, जन औषधि केंद्र संचालक

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