पीलीभीत। शहर वासियों को स्वास्थ्य सहूलियत मुहैया कराने के लिए खोले गए अर्बन आरोग्य मंदिर सिर्फ कागजों में ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। हकीकत में चिकित्सकों की कमी और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मरीजों का परामर्श ही नहीं हो पा रहा है। अर्बन आरोग्य मंदिर पहुंच रहे मरीजों को ओपीडी में लटका ताला देखकर मायूस लौटना पड़ रहा है।
शहर में पूर्व से तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं जबकि मलीन बस्तियों में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए मोहल्ला भूरेखां, सराय खां, सुनगढ़ी व नखासे में आयुष्मान मंदिर खोले गए। शुरुआत में दावे किए गए की मरीज को दवा और मामूली जांचों के लिए मोहल्लों से निकालकर प्राइवेट क्लीनिक नहीं जाना पड़ेगा लेकिन बृहस्पतिवार को पड़ताल में मोहल्ला नखासा में हमेशा की तरह ओपीडी में चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। सहायक कर्मचारी की मौजूदगी में इलाज नहीं मिल पा रहा था। मोहल्ला सुनगढ़ी में स्थित आयुष्मान मंदिर में दवा कक्ष से ओपीडी कक्ष तक ताले दिखाई दिए। जबकि मौके पर कोई मौजूद नहीं था। मरीजों का परामर्श यहां भी नहीं हो सका। मोहल्ला भूरेखां में चिकित्सक राहुल ने 40 मरीजों की ओपीडी की।
दवा बांटने के लिए भी सहायक कर्मचारी की मौजूदगी दिखी। मोहल्ला सराय खां आरोग्य मंदिर के चिकित्सक दूसरी जगह ड्यूटी के चलते यहां से नदारत दिखाई दिए। जबकि सहायक कर्मचारी मरीजों का परामर्श नहीं ले पाए। न ही परामर्श पर्चे कटे।
अर्बन आरोग्य मंदिर सुनगढ़ी की स्थिति भी खराब
अर्बन आरोग्य मंदिर सुनगढ़ी में परामर्श की स्थिति सबसे ज्यादा खराब दिखी। सिर्फ आरोग्य मंदिर का गेट खुला था, जबकि दवा केंद्र, टीकाकरण कक्षा, ओपीडी कक्ष सब में ताला पड़ा था। ऐसे में मरीज पहुंचे तो लेकिन पूरे तालों में जकड़े आरोग्य मंदिर में इलाज को देखकर लौट गए।
जिन आरोग्य मंदिर में लापरवाही बरती जा रही है उनको नोटिस दिया जा रहा है। कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -
डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
मोहल्ला सराय खां आरोग्य मंदिर में ओपीडी चिकित्सक की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
मोहल्ला सराय खां आरोग्य मंदिर में ओपीडी चिकित्सक की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद