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स्वास्थ्य शिविर मेें 670 मरीजों का हुआ इलाज

Mon, 07 Sep 2015 11:47 PM IST
Purnpur
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को विकास खंड के गांव भगवंतापुर में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में 670 मरीजों ने परीक्षण कराकर निशुल्क दवाई ली।
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स्वस्थ्य शरीर सुरक्षित जीवन कार्यक्रम के तहत गांव भगवंतापुर की बाजार में स्थित धर्मशाला में लगाए गए इस शिविर में सुबह से ही लोग जुटना शुरू हो गए। अमर उजाला की मोबाइल मेडिकल वैन सुबह पौने नौ बजे पहुंचने पर भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। गांव के अलावा गुलड़िया खास, भवानीगंज, कांहा टांडा, पिपरिया जयभद्र, मोहम्मदपुर, कंजाखेड़ा, पताबोझी, टांडा छत्रपति, गुलड़हा, कीरतपुर के लोग दवाई लेने पहुंचे। पंजीकरण के लिए महिला और पुरुष के दो काउंटर लगाए गए। चिकित्सकों के अलग-अलग काउंटर लगाए गए। टीम में भारी भीड़ को लेकर करीब सभी काउंटरों पर लंबी लाइनें लगीं। सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम ने बताया कि शिविर में पांच मरीज मोतियाबिंद के, दो अल्सर के, 25 नेत्र रोगी, दो कुष्ठ रोगी, एक टीवी और सवा सौ दंत रोगियों में 25 प्रतिशत मरीज पायरिया के पाए गए। इसके अलावा अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम, वायरल, फोड़ा, फुंसी, सामान्य बुखार आदि के थे। कुष्ठ रोगियों, टीवी के मरीजों को अस्पताल आने को भी कहा गया। दस बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई गई।

इनका रहा टीम में विशेष सहयोग
सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम, डॉ. देवेश गिरी, डॉ. अरविंद प्रताप सिंह, डॉ. कमलेश कुमार, डॉ. अभिषेक सक्सेना, नेत्र परीक्षण अधिकारी अजय कुमार, लैब टैक्नीशियन पंकज मिश्र, जुल्फिकार अली, सिकंदर, प्रधान भगवानदीन, इकबाल शाह, मोहम्मद अनीस, रतन सिंह, बलराम, राशिद अहमद, रामआसरे पांडेय, डॉ. इंद्रपाल, शकील अहमद, डॉ. ओम प्रकाश, गोपी पांडेय, महमूद शाह, होरी लाल पांडेय, रामवीर सिंह, महावीर सिंह आदि का खासा सहयोग रहा।
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विकलांग रफीक ने की तारीफ
गांव भगवंतापुर निवासी मोहम्मद रफीक एक पैर से विकलांग है। एक हादसे में उसका दूसरा पैर टूट गया था। मोहम्मद रफीक ने बताया कि गरीबी के चलते गांव के लोगों ने चंदा एकत्र कर उसका इलाज कराया। पूरनपुर के एक चिकित्सक ने उसका खराब इलाज किया। इलाज के बाद अब तक उसका पैर ठीक ही नहीं हो रहा है। शिविर में मोहम्मद रफीक के चिकित्सकों के पास तक न पहुंच पाने की जानकारी पर एमओआईसी डॉ. मोहम्मद अस्लम ने उसकी चारपाई के पास पहुंचकर परीक्षण किया और दवा से पखवाड़ा भर में जख्म भर जाने का आश्वासन दिया।

कई दिनों से बुखार, पेट और सिर में दर्द हो रहा था। विकलांग होने से चलने-फिरने तक में असमर्थ हूं। गांव में शिविर लगने से दवाई मिल गई। अमर उजाला ने गरीबों और बेसहाराओं को शिविर लगाकर भारी राहत पहुंचाई है।
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रामेश्वर, भगवंतापुर
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