पीलीभीत। जिला अस्पताल के ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। एचसीवी पॉजिटिव मरीज का बिना मानकों व सावधानियां बरते बिना ही ईएनटी विभाग की महिला असिस्टेंट प्रोफेसर ने ऑपरेशन कर दिया। जब मामले ने तूल पकड़ा तो संबंधित महिला चिकित्सक ने ऑपरेशन के 12 घंटे के अंदर ही सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज की सहमति दिखाकर छुट्टी दे दी। मामला अस्पताल अधीक्षक के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने प्राचार्य को इस संबंध में पत्र लिखकर जानकारी दी है।
जिला अस्पताल में ईएनटी (कान, नाक, गला) की महिला अस्सिटेंट प्रोफेसर व ओटी स्टाफ की गंभीर लापरवाही ओटी में मौजूद स्टाफ व चिकित्सकों के लिए भारी साबित पड़ गई है। शनिवार को बिलसंडा निवासी राजेंद्र प्रसाद नाम के व्यक्ति का गले में सूजन की समस्या पर ईएनटी विभाग की महिला अस्सिटेंट प्रोफेसर ने दोपहर में ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन से पूर्व मरीज की एक रात पहले अस्पताल की लैब से आई एचसीवी पॉजिटिव की रिपोर्ट को देखना जरूरी नहीं समझा। लापरवाही के चलते एचसीवी पॉजिटिव मरीज राजेंद्र प्रसाद का ऑपरेशन के दौरान ओटी में न ही तो पीपीकिट, फेसशील्ड आदि सुरक्षा मानकों का उपयोग किया गया, न ही ऑपरेशन के बाद ओटी को 24 घंटे के लिए बंद किया गया। एचसीवी मरीज के ऑपरेशन के बाद उस ओटी में अन्य मरीजों के भी ऑपरेशन किए गए।
बताते हैं कि ऑपरेशन के बाद मरीज की फाइल पर जब नजर पड़ी तो मरीज के एचसीवी पॉजिटिव होने की बात महिला अस्सिटेंट प्रोफेसर के सामने आई। इससे सभी के हाथ-पैर फूल गए। उधर, मरीज को ऑपरेशन के बाद जिला अस्पताल के सर्जरी वार्ड में बेड नंबर 22 पर एडमिट भी किया गया, लेकिन जब मामला तूल पकड़ने लगा तो 12 घंटे में ही गले की सर्जरी जैसी गंभीर स्थिति में मरीज की सहमति दिखाकर उसको डिस्चार्ज कर दिया गया।
मामले की जानकारी जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रमाकांत सागर को हुई तो उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी लेकर संबंधित रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा को दी है।
चिकित्सक व ओटी इंचार्ज की सामने आई बड़ी लापरवाही
पूरे प्रकरण में ईएनटी की महिला चिकित्सक की बड़ी लापरवाही रही है। जिस मरीज का शनिवार दोपहर 12 बजे ऑपरेशन किया गया, उसकी एचसीवी रिपोर्ट शुक्रवार शाम को ही आकर फाइल में लग चुकी थी। चूक यह हुई कि ईएनटी महिला चिकित्सक ने उसे देखा नहीं। इसमें ओटी इंचार्ज की भी लापरवाही उजागर हुई, जिसका मुख्य कार्य मरीज की फाइल देखकर ही उसके ऑपरेशन की तैयारी करना था।
ये लोग थे मरीज के ऑपरेशन के बीच
जिस वक्त मरीज को ऑपरेशन थियेटर में लाया गया उस वक्त ईएनटी की महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी त्रिपाठी, डॉ. शुभम, डॉ. राजेंद्र, ओटी इंचार्ज सविता, ओटी टेक्निशियन महेंद्र आदि मौजूद थे।
क्या है एचसीवी मरीज के ऑपरेशन की प्रक्रिया
किसी भी मरीज के ऑपरेशन से पहले जो जांच होती है उसको देखना जरूरी होता है। एचसीवी मरीज के ऑपरेशन से पहले चिकित्सक व स्टाफ को कोई उसके खून से संक्रमित न हो जाए, इसको देखते हुए पीपी किट, स्पेशल ग्लास, शू कवर, डबल ग्लब्स पहनना व मरीज क ऑपरेशन के 24 घंटे तक उस ओटी को साफ करते हुए बंद रखना आवश्यक होता है। जो कि नही किया गया।
ओटी के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। एचसीवी मरीज का ऑपरेशन बिना मानकों व सावधानियों के करने की बात सामने आई है। मरीज का लामा हुआ है। इस संबंध में प्राचार्य को मामले की रिपोर्ट भेजी जा रही है। -डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल