हरदोई ब्रांच में सिल्ट सफाई के नाम पर 16 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद से लगातार लीकेज की समस्या आ रही है। बुधवार सुबह 13 मील के निकट लीकेज (सोरी) होने से विभाग में हड़कंप मच गया। अभियंताओं ने नहर बंद कराकर आनन-फानन में मरम्मत शुरू कराई।
बाइफरकेशन से निकलकर हरदोई तक जाने वाली नहर में पिछले दिनों 16 करोड़ से सिल्ट सफाई कराई गई थी। इस सफाई के दौरान साइटें कटने से चूहों के बिल ऊपर आ गए। इससे अक्सर पानी रिसने लगाता है। पिछले दिनों डगा पुल के निकट ऐसी ही बिल से नहर में लीकेज शुरू हो गया था। अब बुधवार को सुबह 13 मील के निकट लीकेज होने की सूचना सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को मिली। इसकी सूचना उन्होंने अभियंताओं को दी जिससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में नहर को बंद कराकर ठेकेदार के माध्यम से मरम्मत का काम शुरू कराया गया। विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि समय रहते सूचना मिलने से कोई बड़ी घटना नहीं हुई। यदि रात के समय लीकेज होता तो सुबह तक नहर भी फट सकती थी जिसे संभालना मुश्किल हो जाता। हेडवर्क्स खंड के सहायक अभियंता पीके तिवारी ने बताया कि चूहों के बिलों से अक्सर पानी लीक हो जाता है। समय रहते सूचना मिलने पर नहर बंदकर मरम्मत करा दी गई है। बृहस्पतिवार से नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।