शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रहा अभियान तीसरे दिन भी चला। राजा बाग
कॉलोनी से शुरू हुआ छतरी चौराहा पार करते हुए सुनगढ़ी थाने के निकट तक
पहुंच गया। इस दौरान नाले पर पड़ी स्लैब तोड़ने को लेकर व्यापारियों की
नोकझोंक भी हुई। वहीं पहली बार राजा साहब की कोठी के बाहर पड़ी करीब 15 फिट
की स्लैब भी हटा दी गई।
बुधवार को नगर पालिका की टीम सिटी मजिस्ट्रेट
जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में राजा बाग कॉलोनी पहुंची और मंगलवार तक
हटाए गए अतिक्रमण से आगे काम शुरू हुआ। पालिका कर्मियों का हथौड़ा और
जेसीबी चलते ही व्यापारी बेचैन हो गए।
इसको लेकर कई दुकानदारों ने अपनी
दुकान के आगे किया गया अतिक्रमण स्वयं हटाना शुरू कर दिया। वहीं कई
व्यापारियों से अधिकारियों व पालिका कर्मियों की नोकझोंक भी हुई। अभियान के
दौरान व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अफरोज जिलानी व्यापारियों के साथ मौके
पर पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट से दुकानों के आगे पड़ी पूरी स्लैब न तोड़कर
कुछ हिस्सा छोड़ने की अपील की लेकिन अधिकारियों ने किसी भी तरह की रियायत
से इंकार कर दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने साफ कहा कि नाले तक किया गया
अतिक्रमण किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं स्टेशन चौराहे के कुछ
दुकानदारों ने अतिक्रमण का विरोध करने वालों को हिरासत में लेने की निंदा
की। अभियान के दौरान एएसपी सुधीर कुमार सिंह, सीओ कौशलेंद्र सिंह पुंडीर,
ईओ अरूणमणि त्रिपाठी, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी ब्रजेश सिंह सहित कई अधिकारी
कर्मचारी मौजूद रहे।
कई पर बरती रियायत
अतिक्रमण हटाओ
अभियान के दौरान अधिकारी भले किसी रियायत न बरतने का दावा कर रहे हों लेकिन
अभियान के तीसरे दिन कई स्थानों को छोड़ दिया गया। इसमें छतरी चौराहे के
निकट बैंक का कुछ भाग और पड़ोस में होटल का कुछ हिस्सा नहीं तोड़ा गया।
इसको लेकर लोग चर्चा करते देखे गए।
अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा खर्चा
नगरपालिका
ने अतिक्रमण हटाने के साथ साथ अतिक्रमणकारियों को भी चिन्हित किया है। जिन
दुकानों के आगे से स्लैब अथवा अन्य अतिक्रमण हटाया गया है उनकी सूची तैयार
की जा रही है। ईओ अरूणमणि त्रिपाठी ने बताया कि अब तक 52 लोगों की सूची बन
चुकी है। इन सभी से अतिक्रमण हटाने पर आया खर्चा लिया जाएगा।