बिलसंडा (पीलीभीत)। ग्राम पंचायत मरौरी खास में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की उम्मीद अब नए प्रधान से की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को विकसित करने के लिए कई काम बाकी है। वहीं, नवनिर्वाचित प्रधान जंग बहादुर ने भी बरात घर, प्राचीन तालाब के सौंदर्यीकरण पर काम करने को प्राथमिकता बताया है।
ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मरौरीखास की आबादी 5300 है। यहां 1610 मतदाता हैं, जबकि 70 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं। इस गांव की पहचान राजा मोरध्वज की नगरी के रूप में है। ग्रामीणों का कहना है कि द्वापर युग में राजा मोरध्वज थे, जिनकी गिनती बड़े दानवीरों में थी। उन्होंने अपने राज्य की राजधानी इसी गांव में बनवाई थी। यहां उनका महल भी बना था, जिसके अब कुछ अवशेष बाकी हैं।
इसी से इस गांव की दूर-दराज के इलाकों तक पहचान बनी हुई है। इस गांव में उसी समय के दो तालाब भी मौजूद हैं। गांव में भगवान शिव का मढ़ानाथ मंदिर भी है। मान्यता है कि जब मंदिर का निर्माण चल रहा था तो लिंटर रुक नहीं रहा था। बाद में जब पूजन-अर्चन किया गया तो आसानी से लिंटर कार्य पूरा हो गया। इसे भी भगवान शिव का चमत्कार ग्रामीण मानते हैं। इस गांव की कई समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। मगर अभी तक समाधान नहीं हो सका था। अब ग्रामीण नए प्रधान से उम्मीदें लगाए हैं। प्रधान ने भी खेल मैदान, बरात घर, तालाब का जीर्णोद्धार समेत कई कार्यों को प्राथमिकता बताया है।
ग्राम पंचायत मरौरी खास
आबादी 53000
मतदाता 1610
साक्षर 70 प्रतिशत
प्राथमिकताएं
>> खेल मैदान का निर्माण
>> बरात घर निर्माण
>> तालाबों का सौंदर्यीकरण
>> पात्रों को योजना का लाभ दिलाना
>> मंदिर का सौंदर्यीकरण
समस्याएं
>> जर्जर सड़कें
>> पानी के निकासी की दिक्कत
>> पथ प्रकाश व्यवस्था सही न होना
>> नाली, खड़ंजा क्षतिग्रस्त
>> शुद्ध पेयजल न होना
गांव में प्राचीन तालाबों और भगवान शिव का मंदिर है। राजा मोरध्वज के किले के अवशेष भी है। इन्हीं से गांव की पहचान है। इन्हें बेहतर बनाने पर काम होना चाहिए। यही उम्मीद नए प्रधान से है। - संजीव अवस्थी, ग्रामीण
गांव की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इनसे आवागमन में दिक्कत आती है। अब नए प्रधान से इनके सुधार की उम्मीद है। जर्जर नाली का भी समाधान होना चाहिए। - कमलेश, ग्रामीण
खेल मैदान की कमी गांव में लंबे समय से है। इस पर कोई काम नहीं हो सका है। युवाओं को खेलने के लिए जगह नहीं मिलती है। इससे प्रतिभा नहीं निखर पाती। इस पर काम कराने की उम्मीद है। - जगराज सिंह, ग्रामीण
गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। विकास कार्य बिना भेदभाव कराए जाएं। बरात घर न होने से दिक्कत है। इन पर काम कराया जाए तो गांव विकास में आगे बढ़ेगा। - दिलबाग सिंह, ग्रामीण
गांव के लोगों ने जिस विश्वास के साथ मुझे चुना है, उस पर निष्पक्ष व बिना भेदभाव के विकास कार्य कराए जाएंगे। बरात घर निर्माण, सड़कों का सुधार समेत अन्य समस्याओं पर काम होगा। तालाब, मंदिर आदि का भी सौंदर्यीकरण प्राथमिकता से कराएंगे। - जंग बहादुर, नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान