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Pilibhit News: दो साल में आधा बना ओवरब्रिज, अब छह माह में पूरा करने की चुनौती

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पीलीभीत के असम चौराहे के पास लगा जाम।संवाद
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पीलीभीत। जाम की समस्या से निजात दिलाने और सुगम आवागमन के लिए दिसंबर 2022 में शहर के असम हाईवे पर शुरू किया गया ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अब तक महज 50 फीसदी ही पूरा हो सका है। निर्धारित समयसीमा 29 दिसंबर 2024 को खत्म हो रही है। ऐसे में समय पर काम पूरा न होते देख अब काम पूरा करने की नई समयसीमा जून 2025 तय कर दी गई है। हालांकि सवाल उठ रहा है कि जो पुल दो साल में आधा बन पाया, वह छह में कैसे पूरा होगा? यह कार्य समय से पूरा कराना विभाग के लिए चुनौती रहेगा।
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इसके चलते असम चौराहे की स्थिति खराब है। दिन भर उड़ती धूल और वाहनों के जाम से राहगीर व दुकानदार परेशान रहते हैं। हालांकि विभाग और कार्यदायी संस्था 70 फीसदी से अधिक काम होने का दावा कर रही है। बावजूद इसके स्थिति बहुत खराब है।

शहर का यह असम चौराहा चार प्रमुख मार्गों का केंद्र बिंदु है। यहां से बीसलपुर, पूरनपुर और बरेली के लिए भी वाहनों की आवाजाही होती है। इस चौराहे से लोग शहर में प्रवेश करते हैं। इस वजह से जाम की समस्या भी रहती है। इसको दूर करने के लिए वर्ष 2020 में शासन ने ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी। दिसंबर 2022 में निर्माण शुरू हुआ। इसके लिए 98 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ।
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सेतु निगम की ओर से टेंडर प्रक्रिया के बाद आगरा की गिरिराज जी स्टोर क्रेशर्स लिमिट संस्था को कार्य कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। 29 दिसंबर 2024 तक कार्य को पूरा करने की समय सीमा तय की गई।

शुरुआती दौर में काम ने तेजी पकड़ी, लेकिन लंबे समय से कार्य की गति सुस्त है। करीब 650 मीटर लंबे ब्रिज में अभी 300 मीटर क्षेत्र में ही कार्य हो सका है। अन्य स्थानों पर खोदाई के बाद गर्डर रखने का कार्य जारी है। कार्य की सुस्त गति से चौराहे के दुकानदार परेशान हैं।



धूल से हो रहे बीमार, जाम बना सिर दर्द
ओवरब्रिज निर्माण की धीमी चाल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। चौराहे से दिन भर में छोटे-बड़े करीब 10 हजार वाहन गुजरते हैं। ऐसे में धूल उड़ने से दुकानदार परेशान रहते हैं। जाम की समस्या भी आम बात है। कई बार पुलिस जाम खुलवाने में जुटती है। दिन में कई बार वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ओवरब्रिज क्षेत्र में दोनों ओर सर्विस मार्ग बनाया गया है। हालांकि कच्चा मार्ग होने से वाहनों के निकलने से धूल उड़ती रहती है। संस्था की ओर से पानी का छिड़काव भी बेअसर रहता है।

कुछ अड़चनों की वजह से काम धीमा हुआ

कार्यदायी संस्था की ओर से जिम्मेदारी संभाल रहे डीपीएम सुमन का कहना है कार्य नियमित रूप से चल रहा है। दावा है कि ओवरब्रिज का 75 फीसदी काम पूरा भी हो चुका है। कार्य पूरा होने की समय सीमा 29 दिसंबर 2024 थी, जो बढ़कर जून 2025 हो गई है। कुछ अड़चनें हैं। इसकी वजह से कार्य की गति धीमी है। इसमें असम चौकी के शिफ्ट न होने और मंडी समिति की ड्रेन तोड़ने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। इसको लेकर पत्राचार किए जा रहे हैं।


व्यापारियों को हो रही अधिक समस्या

असम चौराहा के आसपास करीब 100 से अधिक दुकानें हैं। ओवरब्रिज का निर्माण होने के चलते मार्ग की तोड़फोड़ और कार्य कराया जा रहा है। इससे धूल के साथ जाम की समस्या बढ़ गई है। इससे दुकानदारों को अधिक समस्या हो रही है। उनका कहना है कि धूल से बीमार होने का खतरा तो बढ़ ही गया, व्यापार भी चौपट हो गया है।



बोले दुकानदार-दिनभर में हो रही सिर्फ 120 रुपये की बिक्री
ओवरब्रिज का निर्माण काफी धीमा है। धूल और जाम की समस्या बनी रहती है। इससे व्यापार चौपट हो गया है। मंगलवार को सिर्फ 120 रुपये की बिक्री हुई। परिवार की देखरेख भी मुश्किल हो रही है।

- आबाद, दुकानदार
-

जाम और धूल की समस्या बनी रहती है। परेशानी इस कदर बढ़ गई है कि ग्राहक रुकता ही नहीं। ब्रिज का काम धीमा चलने से व्यापार पर फर्क पड़ा है।
- राजेंद्र, दुकानदार

-दुकान में हर समय उड़कर आने वाली धूल घुसती है। सामान भी खराब हो जाता है। पुल के काम में देरी होने से स्थिति खराब है। व्यापार पर भी फर्क पड़ा है।
- अनुज, दुकानदार


ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। कार्य 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। धूल न उड़े इसके लिए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। कार्य पूरा होने की समयावधि बढ़ाई जाएगी।

- शशांक भार्गव , एक्सईएन एनएचएआई

पीलीभीत के असम चौराहे के पास लगा जाम।संवाद

पीलीभीत के असम चौराहे के पास लगा जाम।संवाद

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