फरवरी, मार्च माह में हुई ओलावृष्टि का मुआवजा अब तक दर्जनों गांव के सैकड़ों किसानों को नहीं मिल सका है। जिसके चलते तमाम किसान अब भी अफसरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। शुक्रवार को गांव खाता के कई किसानों ने मुआवजा न मिलने के विरोध में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा।
पिछले साल माह फरवरी और एक मार्च को क्षेत्र मेें हुई ओलावृष्टि से साढ़े चार सौ गांव के हजारों किसानों की गेहूं, लाही आदि की फसलें बर्बाद हो गई थीं। कई माह बाद किसानों को मुआवजा का वितरण शुरू किया गया, लेकिन अभी तक करीब पचास गांव के सैकड़ों किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका।
शुक्रवार को गांव खाता के कई किसानों ने मुआवजा न मिलने के विरोध में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शीघ्र मुआवजा न मिलने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में दामोदर प्रसाद यादव, आत्माराम, सुंदरलाल, कामता प्रसाद, रामपाल, विटोली देवी, कमला देवी, सेवाराम, बाबूराम, पार्वती, रामऔतार, राजकुमार, संतराम, रमाकांत, कितुका देवी, प्रेम शंकर, दुलारी, लालता प्रसाद आदि थे।
ओलावृष्टि से करीब साढ़े चार सौ गांव के किसान प्रभावित हुए थे। पीड़ित किसानों को साढ़े सात करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा बांटा गया। शेष मांग की धनराशि प्राप्त न होने पर अभी करीब पचास गांव के किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। धनराशि मिलते ही शेष पीड़ित किसानों को भी मुआवजा बटवाया जाएगा।
दिग्विजय सिंह, तहसीलदार