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गुरुद्वारे के स्वामित्व का विवाद सुलझा

Sat, 02 Jul 2016 11:11 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
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 तराई के पचपेड़ा ताल्लुके महाराजपुर स्थित गुरुद्वारे के स्वामित्व का विवाद शनिवार को सुलझा लिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। इस बीच एक पक्ष मामला संगत के ऊपर छोड़ने की बात कहकर पंजाब चला गया।
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मालूम हो कि गुरुद्वारे के स्वामित्व को लेकर संगत और पंजाब के बाबा सुखदेव मुनि के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समाधान दिवस में आने को कहा था। इधर, शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे पचपेड़ा ताल्लुके महाराजपुर समेत पूरनपुर, बराही समेत अन्य गांवों की सिख संगत थाने पहुंची। इस पर एसओ दुर्गेश मिश्र ने संगत के कुछ लोगों को ही समाधान दिवस में आकर अपना पक्ष रखने को कहा। दूसरा पक्ष बाबा सुखदेव मुनि के नेतृत्व में थाने पहुंचा। एसओ ने बाबा सुखदेव से मामले से जुड़े अभिलेख दिखाने को कहा। बताया गया कि बाबा सुखदेव को वर्ष 1983 में बतौर मुंतजिम धर्मशाला और गुरुद्वारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। संगत ने अपना पक्ष रखते हुए सिर्फ गुरुद्वारे के साथ छेड़छाड़ न होने की बात कही। संगत का कहना था कि बाबा गुरुद्वारे का भाग छोड़कर शेष भाग का इस्तेमाल कर सकते हैं। एसओ ने बाबा से गुरुद्वारे वाली एक एकड़ जमीन देने को कहा। इस पर बाबा ने गुरुद्वारे के मैदान में उनके शिष्य की समाधि होने की बात कही। लिहाजा संगत से समाधि वाले क्षेत्र को छोड़ने और बाबा की जमीन के लिए रास्ता देने का सुझाव दिया गया। इस पर संगत सहमत हो गई। इसके बाद एसओ और लेखपाल दिनेश कुमार गुरुद्वारे पहुंचे। लेखपाल ने पैमाइश शुरू कराई। इस बीच बाबा सुखदेव मामला अपने पक्ष में न होता देख संगत से गुरुद्वारे की देखभाल करने की बात कहकर पंजाब रवाना हो गए। इस मौके पर बलजीत सिंह खैहरा, सुखदेव सिंह छीना, सुखचैन सिंह, सुखदीप सिंह लाडी, दर्शन सिंह, गुरुदयाल सिंह, सतनाम सिंह, कुलवंत सिंह, गुरजीत सिंह, जसविंदर सिंह, बाबा निर्मल सिंह, धर्म सिंह समेत बड़ी तादाद में संगत मौजूद रही।

वर्जन:
बाबा सुखदेव अपना सारा सामान लेकर चले गए हैं। उन्हें वहां से सुरक्षित फोर्स की मौजूदगी में कस्बे तक पहुंचा दिया गया। अब वह इससे संतुष्ट हैं या नहीं, यह उनके अगले कदम के बाद ही पता लग पाएगा। उन्होंने कहा कि जमीन का ठेका वह उठाते रहेंगे। गुरुद्वारे की देखरेख संगत कराए।
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दुर्गेश मिश्र, थानाध्यक्ष
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