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वाहन से कुचलकर बंदी रक्षक की मौत

Wed, 18 Jan 2017 10:22 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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वाहन से कुचलकर बंदी रक्षक की मौत
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 टनकपुर हाईवे पर मोमिनगंज के पास किसी वाहन से कुचलकर जिला कारागार के बंदी रक्षक 50 वर्षीय अशोक बाबू पुत्र महेंद्रपाल की मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बदायूं जिले के बिसौली थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर निवासी 50 वर्षीय अशोक बाबू पुत्र महेंद्र पाल जिला कारागार में अगस्त 2014 से बंदी रक्षक पद पर तैनात थे। जेल कालोनी में ही अकेले रहते थे। बुधवार सुबह करीब नौ बजे उनका शव टनकपुर हाईवे पर मोमिनगंज के पास क्षतविक्षत मिला। राहगीरों से सूचना मिलने पर कोतवाल मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव का मुंह कुचला हुआ था। शरीर पर घसीटे जाने के भी निशान थे।  जेल कालोनी के अन्य सिपाहियों ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। कुछ देर बाद परिवार के लोग भी पहुंच गए। शव एवं घटनास्थल देखने के बाद परिवार वाले भी मौत की वजह हादसा मान रहे हैं। हालांकि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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...तो भूसी भरे ट्रक से हुआ हादसा!
परिवार और पुलिस दोनों ही घटना को हादसा मान चुके है। हादसा किस वाहन से हुआ, इसको लेकर भी कुछ सुराग पुलिस को मिले हैं। घटनास्थल पर ट्रक के पहिए के निशान मिले, वहीं भूसी भी पड़ी हुई थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बंदी रक्षक भूसी लदे ट्रक से कुचला गया है। 
परिवार और जेल प्रशासन आमने-सामने
बंदी रक्षक की मौत के बाद उसके गैरहाजिर होने की बात पर परिवार और जेल प्रशासन दोनों के बोल एक दूसरे से मेल नहीं खा रहे। जेल प्रशासन मृतक के तीन/चार दिसंबर से गैरहाजिर होने की बात कह रहा है। परिवार वालों का कहना है कि वह मेडिकल लीव लेकर गए थे। उनको अल्सर की शिकायत थी जिसका जिला अस्पताल बरेली से इलाज कराया गया। तीन दिन पहले ही वह वापस आए और मेडिकल जेल अधिकारियों को दिया। इसके अलावा जेल प्रशासन ने गैरहाजिर रहने के बाद बंदी रक्षक के घर नोटिस भेजने की भी बात कही। इस पर भी परिवार ने अनभिज्ञता जताई। उनका कहना है कि कोई नोटिस नहीं मिला। 
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रोज होती थी परिवार वालों से बात
तीन भाईयों में सबसे बड़े अशोक बाबू के चार बेटे अतुल (21), विवेक (20), प्रशांत (17) व दिव्यांश (15) है। चारों बेटे पत्नी कुसुमलता के साथ बरेली के चंद्रवाणीनगर बुद्धबिहार स्थित मकान में रहते हैं। बड़ा बेटा अतुल दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है। अशोक बाबू से परिवार वालों की रोज दिन में एक-दो बार फोन पर बात हो जाती थी। मंगलवार को भी प्रशांत से उनकी बात हुई थी। 
बंदी रक्षक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रथम दृष्टया मामला किसी वाहन से कुचलकर मौत का है। परिवार भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करा रहा है। अभी किसी तरह की तहरीर नहीं दी गई है। 
- अनुराग दर्शन, सीओ सिटी
बंदी रक्षक दिसंबर से गैर हाजिर चल रहा था। उसके घर पर नोटिस भी भेजे गए, लेकिन किसी ने तामील नहीं कराए। इस पर नोटिस को मकान के बाहर चस्पा कराया गया था। 
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- अनूप सिंह, जेल अधीक्षक
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