जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत का आरक्षण लागू होने के बाद अब शासन ने प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के आरक्षण निर्धारण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 19 सितंबर से नौ अक्तूबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम के बीच आचार संहित भी लगने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में एक साथ दो कार्य कैसे होंगे इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत सरकार ने इस बार जिला और क्षेत्र पंचायत के चुनाव पहले करने की तैयारी कर चुका है। इसके लिए आरक्षण निर्धारित कर चुनाव की संभावित तिथियां भी तय कर दी गई हैं। केवल अधिसूचना जारी होना बाकी है। इस बीच शासन ने बुधवार को देर रात ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के आरक्षण निर्धारण का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार 19 को अधिकारियों के प्रशिक्षण के बाद निर्धारण, अनंतिम सूची प्रकाशन, आपत्तियां प्राप्त करना और इनका निस्तारण का सात अक्तूबर तक अंतिम सूची जारी की जानी है।
चक्रानुक्रम नहीं आबादी के अनुसार होगा आरक्षण
पीलीभीत। शासन से जारी आदेश के अनुसार इस बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण का निर्धारण चक्रानुक्रम व्यवस्था के अनुसार न कराकर गांव की आबादी के अनुसार किया जाएगा। इसमें पिछले चुनाव के आरक्षण को आधार नहीं देखा जाएगा।
ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण का कार्यक्रम जारी हो गया है। प्रक्रिया 19 सितंबर प्रारंभ होकर नौ अक्तूबर तक चलेगी। -वीपी सक्सेना, डीपीआरओ
आरक्षण निर्धारण कार्यक्रम
कार्यक्रम दिनांक
डीपीआरओ लखनऊ में प्रशिक्षण 19 सिंतबर
स्थानीय अधिकारियों का प्रशिक्षण 20,21 सिंतबर
आरक्षण का निर्धारण 22 से 25 सितंबर
अनंतिम सूची का प्रकाशन 26 से 28 सिंतबर
आपत्तियां प्राप्त करना 01 अक्तूबर तक
आपत्तियों का एकत्रीकरण 03 अक्तूबर तक
आपत्तियां का निस्तारण 05 अक्तूबर तक्र
अंतिम सूची प्रकाशन 6 व 7 अक्तूबर
आयोग को सूचित करना 09 अक्तूबर तक