शासन के निर्देश पर पहली अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होनी थी लेकिन पहले दिन जिले में कहीं भी गेहूं की खरीद नहीं हुई। हालांकि अधिकारियों ने क्षेत्र का भ्रमण कर क्रय केंद्रों की व्यवस्थाएं देखी। इसमें बैनर लटके मिले। वहीं मंडी में गेहूं की आवक बढ़ने लगी है। शनिवार को मंडी में करीब तीन हजार क्विंटल की आवक दर्ज की गई।
तराई के इस कृषि प्रधान जिले में गेहूं की बम्पर पैदावार होती है। इसकी खरीद प्रति वर्ष पहली अप्रैल से करने के निर्देश शासन से मिलते हैं लेकिन विभागीय धींगामस्ती के चलते दो चार दिन व्यवस्थाएं पूरी करने में ही गुजर जाते हैं। सरकार बदलने के बाद इस बार व्यवस्थाएं बेहतर होने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन शनिवार को स्थिति ढाक के तीन पात रही। जिले में स्वीकृत 89 क्रय केंद्रों पर मंडी एवं प्रमुख मार्गों के केंद्रों पर तो व्यवस्थाएं दिखीं लेकिन दूरदराज क्षेत्रों में देर शाम तक कांटा, वारदाना एवं अन्य सामग्री पहुंचती रही। इससे भी इतर जिले के किसी भी क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद की शुरुआत नहीं हो सकी। हालांकि डीएम के निर्देश सुबह एडीएम अजयकांत सैनी ने पूरनपुर क्षेत्र और प्रभारी डिप्टी आरएमओ कांती राठौर ने बीसलपुर व बिलसंडा क्षेत्र का भ्रमण कर क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया।
बीसलपुर। डिप्टी आरएमओ कांती राठौर ने शनिवार को गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। मंडी के अलावा रढ़ैता व रसूला के छह क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं ठीक मिलीं। सभी क्रय केंद्रों के बैंक खाते भी खुल गए हैं। किसी भी केंद्र पर अभी तक गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है। डिप्टी आरएमओ ने मंडी परिसर में घूम रहे खांडेपुर क्रय केंद्र प्रभारी राजेंद्र पाल की फटकार लगाई। इस दौरान एसएमआई उपेंद्र गंगवार भी मौजूद रहे।
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मंडी में बढ़ी गेहूं की आवक
शासन के निर्देश के बाद भी सरकारी खरीद भले ही शुरू नहीं हो सकी है लेकिन मंडी में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। शनिवार को पीलीभीत मंडी में करीब तीन हजार क्विंटल की आवक दर्ज की गई। इस गेहूं के दाम भी सरकारी रेट से अधिक मिल रहे हैं।