पूरनपुर। नेपाल में हिंसा के बाद कर्फ्यू में फंसे अपनों से बृहस्पतिवार को व्हाट्सएप पर बात होने से परिजनों ने राहत की सांस ली।
तहसील क्षेत्र की सीमा नेपाल से सटी हुुई है। प्रतिदिन तमाम लोग नेपाल में रिछा टाउन बाजार में खरीदारी के लिए जाते हैं। शारदा नदी पर पैंटून पुल बना होने पर ऐसे कई लोगों की रोज आवाजाही नेपाल में होती है।
इसके अलावा नगर और शेरपुरकलां के कई परिवार नेपाल के धनगढ़ी, अटरिया में रहकर काम करते हैं। कुछ ने तो नेपाल की नागरिकता भी ले रखी है। शेरपुरकलां के रईस अहमद की नेपाल के अतरिया में टेलरिंग की दुकान है। इसके अलावा कारपेंटरी आदि का काम कई युवक कर रहे है।
नेपाल में हिंंसा के बाद लागू हुए कर्फ्यू में शेरपुरकलां के मोहम्मद जुनैद, मोहम्मद रियासत, नासिर खां, अतर खां, मोहम्मद साजिद, मोहम्मद अरमान, गुलाम मोहम्मद, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद अकरम आदि में फंसे हुए है। पिछले चार दिनों से नेपाल में व्हाट्एसएप बंद होने से उनकी बात परिजन से नहीं हो पा रही थी। इसको लेकर परिजन चिंतित रहे।
बृहस्पतिवार को नेपाल में व्हाट्सएप शुरू होने पर वहांं रह रहे लोगों ने परिजन से बात की। इससे परिजनों ने राहत की सांस ली। आगजनी व हिंसा के फोटो भी परिजन को साझा किए।