पीलीभीत/बिलसंडा। नोडल अधिकारी अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा दौरे के दूसरे दिन सख्त दिखाई दिए। पहले सीएचसी पहुंचे नोडल अधिकारी ने व्यवस्थाएं देख दुरुस्त करने को कहा। फिर गोशाला में गोवंशीय पशुओं के रखरखाव में लापरवाही पर भड़के उठे। इस दौरान बीडीओ को कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी शनिवार को सबसे पहले सीएचसी बिलसंडा पहुंचे। कोविड-19 को लेकर कराए जा रहे टीकाकरण की व्यवस्थाएं देखीं। अस्पताल में दवाओं के स्टॉक को जाना। आयुष्मान कार्ड धारकों के बारे में जानकारी की। इस दौरान अभिलेख और इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। इसके बाद नोडल अधिकारी ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और निरीक्षण किया। यहां से नोडल अधिकारी करेली गांव में बनी गोशाला पहुंचे। इस दौरान ग्राम प्रधान ने गोवंश के भरण पोषण के लिए बजट आवंटित कराने की मांग की। कुछ ग्रामीणों ने नोडल अधिकारी से सिंधौरा खरगपुर गोशाला में अव्यवस्थाओं की शिकायत की। इसका संज्ञान लेकर नोडल अधिकारी सीधे सिंधौरा खरगपुर गोशाला पहुंच गए। यहां पर स्टॉक रजिस्टर अधूरा मिला। गोशाला में गोवंशीय पशुओं के खानपान का कोई इंतजाम नहीं था। चोकर और भूसा था ही नहीं। इस पर बीडीओ नीरज दुबे को कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कि गोशाला की व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त की जाएं। गोवंश के भरण पोषण में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। गोवंशीय पशुओं की ईयर टैगिंग कराने के भी निर्देश दिए। यह भी कहा कि मृत गोवंश का पोस्टमार्टम अवश्य कराएं और रजिस्टर भी दुरुस्त करें। इस मौके पर सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, एसडीएम बीसलपुर राकेश गुप्ता, परियोजना निदेशक अनिल कुमार आदि मौजूद थे।