उपाधि महाविद्यालय के गोल्डन जुबली समारोह पर कोई आयोजन होने की संभावना
कम है। दरअसल, महाविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए बजट न होने की बात कहकर
समारोह से हाथ खींच लिए हैं।
महाविद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूरे
होने के उपलक्ष्य में पिछले माह गोल्डन जुबली समारोह धूमधाम से मनाने का
निर्णय लिया गया था। इसके तहत गोल्डन जुबली पत्रिका का विमोचन और 20 फरवरी
को वार्षिकोत्सव होना था।
समारोह के लिए संचालन समिति भी बनाई गई थी।
संचालन समिति के संयोजक डॉ. आरएस मिश्रा ने जब आयोजन के लिए बजट की मांग की
तो लेखाकार ने बड़ी राशि होने की बात कहकर इसमें असमर्थत जता दी।
यूजीसी को नहीं भेजा गया प्रस्ताव
यूनिवर्सिटी
ग्रांट कमीशन (यूजीसी) गोल्डन जुबली समारोह के लिए डिग्री कॉलेजों को 25
लाख रुपये देता है लेकिन महाविद्यालय ने यूजीसी को इसका प्रस्ताव ही नहीं
भेजा। सूत्रों के मुताबिक चूंकि महाविद्यालय ने यूजीसी को पिछले आठ साल से
कोई ब्यौरा नहीं भेजा है और इसीलिए गोल्डन जुबली समारोह के लिए प्रस्ताव
भेजने में रुचि नहीं दिखाई।
समारोह कराने का हो रहा है प्रयास
सांस्कृतिक
कार्यक्रम की मद में प्रत्येक विद्यार्थी से 15 रुपये सालाना लिए जाते
हैं। समारोह में डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च होने की संभावना है। समारोह
कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, प्राचार्य
00
समारोह के आयोजन के लिए यूजीसी को प्रस्ताव भेजने के लिए महाविद्यालय प्रशासन से कई बार कहा गया लेकिन प्रस्ताव नहीं भेजा गया।
- डॉ. विनय गर्ग, पूर्व सदस्य, यूजीसी समिति
00
समारोह के लिए कमेटी को पैसा रिलीज न करने में प्राचार्य भी शामिल हैं। वह लोग प्राचार्य से मिलकर उनकी मंशा जानने का प्रयास करेंगे।
- प्रशांत शर्मा, जिलाध्यक्ष समाजवादी छात्र सभा