जिले में धान की बम्पर पैदावार से शुरू में किसान बिक्री के लिए परेशान रहे, अब राइस मिलर्स इसका चावल बनाकर परेशान हैं। जिले में चावल भंडारण से सभी सरकारी गोदाम फुल हो चुके हैं और मिलर्स के पास चावल बकाया है। इसके लिएं ललौरीखेड़ा में बने निजी क्षेत्र के गोदामों को किराए पर लिया जाना था, लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण गोदाम पर किए पर नहीं लिए जा सके। गोदाम न होने के कारण क्षेत्रीय प्रबंधक ने जिले के चावल का भंडारण बरेली और बदायूं कराने के निर्देश दिए। इस पर राइस मिलर्स ने तमाम समस्याएं बताते हुए डीएम से शिकायत की और चावल उतार पीलीभीत में कराने का अनुरोध किया। इस पर बुधवार को डीएम ओएन सिंह राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी अग्रवाल एवं विपणन अधिकारी आईसी गुप्ता को बुलाकर वस्तुस्थिति की जानकारी की और फिर फोन पर स्टेट वेयर हाउसिंग के एमडी कृपा शंकर यादव व एफसीआई के जीएम डॉ. ओपी सिंह ने फोन पर वार्ता की। दोनों अधिकारियों से वार्ता के बाद डीएम ने बताया कि गोदाम को किराए पर लेने में कुछ दिक्कत आ रही थी जिसे शीघ्र दूर करा लिया जाएगा। उम्मीद है शीघ्र ही चावल का उतार जिले में शुरू हो सकेगा।