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नहीं मिली ई-पॉश मशीन, पुराने ढर्रे पर ही गेहूं की खरीद आज से

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पीलीभीत। किसान को फसल का बाजिब दाम और बिचौलियों पर शिकंजा कसने के लिए ई-पॉश मशीन से गेहूं खरीद होनी है। बृहस्पतिवार यानी आज से गेहूं की खरीद शुरू भी हो जाएगी।ञ मगर अभी तक ई-पॉश मशीन क्रय केंद्रों को मुहैया नहीं हो सकी है। ऐसे में अभी शुरूआती दिनों में आधार कार्ड प्राप्त कर प्रमाणित करते हुए खरीद शुरू करा दी जाएगी। इसका पूरा डाटा क्रय केंद्र पर रखना होगा। एक दिन पूर्व शासन-प्रशासन खरीद से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा में जुटा रहा।
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धान खरीद के बाद अब शासन-प्रशासन पारदर्शिता से गेहूं खरीद कराने में जुट गया है। पिछले डेढ़ साल से चल रही तैयारियों को बुधवार को अंतिम रूप दिया गया। बृहस्पतिवार एक अप्रैल से खरीद शुरू होगी। जिले में सात एजेंसियों के 121 क्रय केंद्र बने हैं। अब तक पांच हजार किसानों का पंजीकरण कराया जा चुका है। किसी तरह की गड़बड़ी न हो और बिचौलिये खरीद में सेंध न लगा सकें, इसके लिए क्रय केंद्रों पर ई-पॉश मशीन से खरीद होनी है। किसान को गेहूं ले जाते वक्त केंद्र पर अपना अंगूठा लगाना होगा। अगर वह नहीं जा सकता तो परिवार का वही व्यक्ति गेहूं बेच सकेगा, जिसका नाम पंजीकरण के समय नॉमिनी के तौर पर लिखाया गया है। क्रय केंद्रों की जिओ टैगिंग कराई जा चुकी है। जिला प्रबंधकों को संसाधन दुरुस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। मगर अभी तक ई-पॉश मशीन नहीं मिली हैं। इनके आने में करीब पंद्रह दिन का समय लगने का अनुमान जताया गया है। मगर खरीद को इस दौरान बाधित नहीं रखा जाएगा। जब तक ई-पॉश नहीं पहुंचती, खरीद पुराने पैटर्न पर होगी। नॉमिनी को केंद्र पर अपने आधार कार्ड के साथ ही किसान का भी आधार कार्ड देना होगा। उसे क्रय केंद्र प्रभारी न सिर्फ प्रमाणित कर खरीद कराएगा, बल्कि मेनटेन रखेगा। ताकि अधिकारियों के अचानक पहुंचने पर चेक करते वक्त बिचौलिये और किसान की पहचान हो सके। डीएम पुलकित खरे ने समस्त जिला प्रबंधकों, खरीद से जुड़े अधिकारियों को इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। इसकी 24 घंटे में रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि कोई दिक्कत कहीं आए तो उसे दूर किया जा सके।
गेहूं खरीद की सभी तैयारी कर ली गई हैं। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक क्रय केंद्र खुलेंगे। जब तक ई-पॉश मशीन नहीं पहुंचती है, पुरानी तर्ज पर ही गेहूं खरीदा जाता रहेगा। केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखा जाएगा। किसान को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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