बीसलपुर। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक (एडी) जीवन दत्त ने तहसील क्षेत्र की चारों गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया। तीन गोशालाओं में व्यवस्थाएं बेहद खराब पाई गईं। इनमें पशुओं की संख्या की अपेक्षा बेहद कम जगह पाई गई। दियोरिया की गोशाला पंचायत विभाग को हस्तांतरित नहीं हो पाई।
एडी ने बताया कि बीसलपुर की गोशाला में 149 गायें हैं। इनमें 37 गायों को गोपालकों की सुपर्दगी में दिया गया है। डिप्टी सीवीओ डॉ. एके सिंह को सुपर्दगी वाली गायों का सत्यापन करने को कहा गया। गोशाला प्रभारी उपेंद्र शंखधार ने बताया कि गोशाला का विभागीय भवन बनाने के लिए जमीन का बंदोबस्त हो गया है। कुछ धनराशि भी शासन से मिल गई है। बहुत जल्द भवन बनना शुरू हो जाएगा। बरखेड़ा की गोशाला में 104 पशु मिले। गोशाला प्रभारी देवकी नंदन ने उन्हें अभिलेख दिखाए। पशु चिकित्साधिकारी वीरपाल सिंह भी मौजूद थे। बिलसंडा की गोशाला में 61 पशु मिले। गोशाला प्रभारी राकेश चौबे ने बताया कि गोशाला का विभागीय भवन बनने के लिए जमीन और पैसे की व्यवस्था हो गई है। लॉकडाउन हटते ही भवन निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। भवन निर्माण का टेंडर भी हो गया है। यह गोशाला नगर पंचायत की थोड़ी सी जमीन पर अस्थायी रूप से चल रही है। दियोरिया की गोशाला में 169 गायें मिलीं। मौके पर 90 क्विंटल भूसा भी मिला। यह गोशाला विभागीय भवन में चल रही थी। ये भवन विधायक निधि से बनवाया गया है। जांच में पता चला कि अधिकारियों की हीलाहवाली से यह गोशाला पंचायत विभाग की सुपुर्दगी में नही दी गई है। गोशाला की व्यवस्था गांव बमरोली निवासी मीना सिंह देख रही हैं। एडी ने डिप्टी सीवीओ को सभी गोशालाओं में गायों का नियमित परीक्षण कराने के निर्देश दिए।