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35 सालों से पीलीभीत की शान बना हुआ है गणेश चौथ मेला

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पीलीभीत गणेश चौथ मेले का फाइल फोटो - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत वर्षों से गणेश चौथ मेला पीलीभीत की शान बना हुआ है। उत्तर प्रदेश में गणेश चौथ का मेला पीलीभीत और चंदौसी में ही लगता है। पीलीभीत में पिछले 35 वर्ष से लग रहे इस मेले की शुरुआत 1984 में हुई थी।
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शहर के रहने वाले हरीकिशोर और प्रवीन बंसल चंदौसी गए थे। वहां गणेश चौथ का मेले को देखकर उन्होंने भी यहां मेला शुरू करवाया था। तब महज एक दिन के लिए मेला लगा था। इस दिन महज भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली गई थी। इसके बाद 1985 में सात दिन का मेला शहर के मीना बाजार में लगा था। इसके बाद साल दर साल मेला बढ़ता चला गया।
गणेश चौथ के मेले में काफी संख्या में लोग उमड़ने लगे। इस कारण 1992 में इसे रामलीला मैदान में शिफ्ट कर दिया गया। तब तत्कालीन शिक्षामंत्री नेपाल सिंह ने मेले का उद्घाटन किया था। इसके बाद मेले में उत्तर प्रदेश के कई जिलों से दुकानदार आने लगे। 1999 में तो मेला 22 दिन का लगा। पहले तो मेले के लिए दुकानदारों को बुलाना पड़ता था। बाद में हाल यह हो गया कि खुद दुकानदारों को सालभर इस मेले का इंतजार रहता था। मेले के लिए दो महीने पहले से ही अलग-अलग जिलों में लोग सामान तैयार करना शुरू कर देते थे।
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कोरोना के कारण दो साल नहीं हो सका आयोजन
कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2020 व 2021 में गणेश चौथ मेले का आयोजन नहीं हो सका। इससे पहले हर साल मेला पूरी भव्यता के साथ होता रहा। दूर-दूर से लोग मेला देखने यहां आते थे। रामलीला कमेटी से विवाद होने के बाद इस बार मेले के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति है। अदालत के आदेश के बाद ही मेला हो पाएगा।
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