पीलीभीत। जिले में ईंधन में लगी महंगाई की आग का असर तेजी से दिख रहा है। दस दिन में चार बार पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने से आमजन चिंतित हैं। मौजूदा स्थिति में ईंधन के दाम बढ़ने से किसान ज्यादा प्रभावित हैं। किसानों को खेतों की सिंचाई करने के लिए महंगे डीजल खरीदना पड़ रहा है। इसका असर उन चीजों पर भी दिखाई दे रहा है, जिनकी सप्लाई बाहर से है। इस तरह से देखा जाए तो हर वर्ग ईंधन पर महंगाई की मार से प्रभावित हुआ है।
पश्चिम एशिया के देशों के बीच हुए युद्ध के असर से ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। 15 मई से अब-तक चार बार ईंधन के रेट बढ़े हैं। तराई के क्षेत्र में लोगों का मूल व्यवसाय खेती है। ऐसी स्थिति में डीजल की कीमतों ने किसानों को झकझोर दिया है। किसानों का कहना है कि सिंचाई से लेकर जोताई आदि सभी में डीजल का प्रयोग हो रहा है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को पेट्रोल 2 .61 रुपये बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि डीजल पर 2.72 रुपये बढ़ने से 95.47 रुपये प्रति लीटर हो गया। बीते दस दिनों में पेट्रोल पर 7.20 रुपये और डीजल पर 7.55 रुपये बढ़े हैं। संवाद
जीवनदीप
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