बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित 1843 स्कूलों में से 253 स्कूलों में बच्चों को सोमवार को फलों का वितरण नहीं किया गया। विभाग इसके पीछे बारिश होने के चलते बच्चों के स्कूल न पहुंचने का तर्क दे रहा है।
शासन ने सरकारी स्कूलों में पढृने वाले बच्चों की सेहत सुधारने और कुपोषण से बचाने को प्रत्येक सोमवार को मिड-डे मील के तहत मौसमी फल बांटने की योजना शुरू करने का निर्णय लिया था। सोमवार को सरकारी स्कूलों में चार रुपये में अधिकांश बच्चों को महज एक केला या आम देकर योजना के शुभारंभ की इतिश्री कर ली गई। खास बात यह है कि ट्रांस शारदा क्षेत्र के स्कूलों समेत जिले के कई अन्य विद्यालयों में फल वितरण कार्यक्रम ही नहीं हुआ।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को जिले के 1843 परिषदीय स्कूलों में से 1590 स्कूलों में ही बच्चों को केला या आम नसीब हो सका। 253 स्कूलों के बच्चे फल मिलने का इंतजार ही करते रह गए। फल वितरण कार्यक्रम में बीसलपुर पहले स्थान पर रहा। जहां सभी 19 विद्यालयों में बच्चों को फल बांटे गए। सबसे फिसड्डी अमरिया ब्लाक रहा। जहां 230 विद्यालयों में से मात्र 181 स्कूलों में बच्चों को फल बांटे गए।
वर्जन:
शासनादेश के मुताबिक विद्यालयों में फल वितरण की व्यवस्था की गई थी। सोमवार को बारिश होने के चलते अधिकांश बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके थे। ऐसे में वहां फल वितरण नहीं हो सका था।
- जयप्रताप सिंह, बीएसए