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सवा करोड़ की फसल 50  लाख में कर दी नीलाम

Wed, 18 May 2016 11:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
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 भरापचपेड़ा की 400 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल प्रशासन ने मात्र 50 लाख में नीलाम कर दी। बसपा के पूर्व विधायक अरशद खां ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए मुख्य सचिव को पत्र भेजकर प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फसल तकरीबन सवा करोड़ की थी जिसे पचास लाख में नीलाम कर दिया गया। 
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अमरिया क्षेत्र के भरापचपेड़ा में पिछले दिनों प्रशासन ने 400 एकड़ जमीन को ग्राम समाज की बताते हुए उस पर बोई गई गेहूं की फसल को कब्जे में लेकर 50 लाख में नीलाम कर दिया था। प्रशासन पर नीलामी के दिन से ही उंगलियां उठने लगीं थीं। अब पूर्व विधायक अरशद खां ने मुख्य सचिव से इसकी शिकायत की है। पूर्व विधायक का आरोप है कि ग्राम समाज की 400 एकड़ जमीन पर जब कब्जा कर फसल बोई गई थी उस समय प्रशासन ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की? गेहूं बोने से लेकर उसके तैयार होने तक प्रशासन चुप क्यों रहा?  भरापचपेड़ा क्षेत्र में गेहूं की औसत पैदावार 22 क्विंटल प्रति एकड़ रही। इस हिसाब से 400 एकड़ जमीन पर आठ हजार क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ होगा। समर्थन मूल्य के हिसाब से इसकी कीमत 1.22 करोड़ रुपये बनती है। फिर इसकी नीलामी मात्र 50 लाख में क्यों कर दी गई?  50 लाख में नीलामी छोड़ने का अर्थ है कि फसल की कीमत का आंकलन काफी कम रखा गया होगा। पत्र में उन्होंने नीलामी में प्रतिभाग करने वालों के आपसी संबंध एवं राजस्व कर्मियों की मिलीभगत की भी जांच कराने की मांग की है। 


18 पीबीटीपी 03
भरापचपेड़ा के ग्रामीणों 
का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
- जमीन की पैमाइश कराने एवं बेसहारा किसानों का उत्पीड़न रोकने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। भरा पचपेड़ा के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और डीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें उनसे छीनी गई जमीन पर प्रशासन की शह पर कुछ लोगों द्वारा पुन: कब्जा करने का आरोप लगाते हुए जमीन की जांच करा उनसे छीनी गई जमीन व उसकी नीलाम की गई फसल दिलाने की मांग की गई। इस पर एडीएम ने तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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भरा पचपेड़ा में खाली पड़ी सैकड़ों एकड़ जमीन का विवाद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा। पिछले दिनों प्रशासन ने यहां करीब 400 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को अवैध कब्जा बताकर एक ही व्यक्ति के हाथों काफी कम कीमत में नीलाम कर दिया था। जमीन से उजाड़े जाने के बाद से यह लोग परेशान हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से काबिज होने के बाद भी प्रशासन ने अवैध बताकर बेदखल कर दिया जबकि अब इस जमीन पर कुछ लोग प्रशासन की सह पर कब्जा कर फसल बोने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम समाज की 1850 एकड़ जमीन है और गौशाला की जमीन मात्र 270 एकड़ है, लेकिन इससे कहीं अधिक क्षेत्रफल में गौशाला के बोर्ड लगाकर भी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा ने ग्रामीणों की बात को एडीएम के समक्ष रखा। जिस पर एडीएम अजयकांत सैनी ने तहसीलदार इंद्राकांत द्विवेदी कजो मामले की जांच कराने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। एडीएम ने बताया यदि खाली कराई गई जमीन पर जो भी कब्जा कराने का प्रयास करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने वालों में नरेंद्र साहनी, अनेश, रमेश चंद्र, हरभजन सिंह, मनजीत सिंह, किशनलाल, राहुल, राजेश, रतन सिंह, दिलीप सिंह, रंजीत सिंह, गब्बर सिंह, संतोष सिंह सहित कई लोग थे।
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