पीलीभीत / खैर (अलीगढ़)। हरियाणा में मजदूरी कर एक महीने बाद ईको वैन से घर लौट रहे पूरनपुर के सेहरामऊ उत्तरी के चार मजदूरों और बरेली के चालक की मौत हो गई। बुधवार देर रात अलीगढ़-पलवल हाईवे पर खैर कस्बे में वैन की एक कंटेनर से भिड़ंत होने से यह हादसा हुआ। हादसे में खीरी का एक युवक और सेहरामऊ उत्तरी के चार लोग घायल हुए।
सेहरामऊ उत्तरी के रहने वाले नौ मजदूर जून में हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल में मजदूरी पर धान की रोपाई करने गए थे। रोपाई का काम खत्म होने के बाद उन्होंने घर लौटने के लिए वैन बुक की थी। फरीदाबाद से इन्हें बरेली के इज्जतनगर इलाके के मुड़िया अहमदनगर गांव निवासी चालक मोहम्मद हसन बुधवार देर शाम पीलीभीत के लिए लेकर चला।
रात करीब डेढ़ बजे खैर में गल्ला मंडी व बिजलीघर के सामने पहुंचने पर अलीगढ़ से टप्पल की ओर जा रहे कंटेनर से वैन की भिड़ंत हो गई। पुलिस का मानना है कि चालक को नींद की झपकी आई और वैन बेकाबू होकर दूसरी साइड पहुंचकर कंटेनर से टकरा गई। वैन के परखच्चे उड़ गए। हादसे में मजदूर विपिन (35) पुत्र जंगबहादुर, लालता प्रसाद (35) पुत्र चन्द्रका प्रसाद, अर्जुन (22) पुत्र बांकेलाल व हरिओम (25) पुत्र दीनदयाल और चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पांच अन्य मजदूर रामू (40), विमलेश (25), रामकुमार (46), मुनीश (35) और खीरी के पलिया के गांव नगला निवासी अनंतराम (36) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पुलिस ने जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया।
आपस में हैं रिश्तेदार
हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए मजदूरों की आपस में रिश्तेदारी थी। विपिन और घायल रामकुमार आपस में चचेरे-तहेरे भाई थे। मृतक लालता प्रसाद और अर्जुन आपस में मौसेरे भाई थे। जबकि मुनीश और अर्जुन ममेरे-फुफेरे भाई थे। हरिओम की मार्च में दिल्ली में तो अर्जुन की तीन महीने पहले लखीमपुर खीरी के मझगईं गांव में शादी हुई थी।