एसडीएम श्रद्धा शाण्डिल्यायन ने गांव पिपरिया दुलई के प्राइमरी स्कूल में निरीक्षण में बच्चों को दूध में पानी मिलाकर पिलाने का मामला पकड़ है। करीब डेढ़ लीटर दूध में चार लीटर पानी मिलाया गया था। निरीक्षण में प्रधानाध्यापक भी गैरहाजिर मिले। एसडीएम ने बीएसए को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की है।
एमडीएम के साथ बच्चों को परिषदीय स्कूलों में सोमवार को फल और बुधवार को दूध दिया जाता है। जूनियर हाईस्कूल में प्रति विद्यार्थी डेढ़ सौ ग्राम और प्राइमरी स्कूल में प्रति बच्चे को सौ ग्राम दूध देने का प्रावधान है, लेकिन क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में बच्चों को दूध में पानी मिला कर देने, फल वितरण के नाम पर औपचारिकताएं करने की शिकायतें अक्सर अफसरों को मिलती हैं। बुधवार को एसडीएम श्रद्धा शाण्डिल्यायन ने गांव पिपरिया दुलई के प्राथमिक स्कूल में औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्कूल में डेढ़ लीटर दूध में चार लीटर पानी मिलाना पाया गया। बच्चों से पूछताछ के बाद एसडीएम ने जिस बर्तन से दूध में पानी मिलाया गया था, उस वर्तन की क्षमता की नाप कराई। स्कूल में प्रधानाध्याक भी नहीं मिले। पूरे मामले की रिपोर्ट बीएसए को भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।