एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार ने नगर में सीएचसी और माधोटांडा में पीएचसी जबकि तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने शेरपुर और जटपुरा पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। सीएचसी में एक चिकित्सक सहित चार कर्मचारी गैरहाजिर मिले। दो कर्मचारियों के निरीक्षण के समय पहुंचने पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त की। तहसीलदार को दो डॉक्टर सहित चार कर्मचारी अस्पताल मेें नहीं मिले। हालांकि उनकी छुट्टी का स्वीकृत का प्रार्थना पत्र पाया गया।
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने सीएचसी के निरीक्षण में उपस्थित रजिस्टर, दवाईयों का स्टाक रजिस्टर, लेबर रूम का निरीक्षण किया। चिकित्सकों के कक्षों में पहुंचकर मरीजों से सुविधाओं आदि की जानकारी ली। चिकित्सकों को उन्होंने बाहर से दवाई न लिखने की चेतावनी दी। इस दौरान एक आयुष चिकित्सक द्वारा बाहर की दवाई लिखने का पर्चा मिलने पर एसडीएम ने चिकित्सक पर रोष व्यक्त किया। कुछ अन्य मरीजों ने भी कुछ मेडिकल स्टोरों के पैड के पर्चे पर ही बाहर से दवाईयां लिखने की शिकायत की। एसडीएम ने बाहर से दवाई किसी कीमत पर न लिखने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान अपर शोध अधिकारी और एक आयुष फार्मेसिस्ट के पहुंचने पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त कर उपस्थित में समय डालने के निर्देश दिए। इससे पहले एसडीएम ने माधोटांडा पीएचसी पहुंचकर निरीक्षण किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि एसडीएम को निरीक्षण में डॉ. भारतुय राय, एएचवी (लेडी हेल्थ विजीटर) सरोज कुमारी, सरला, एएनएम आशा पांडेय गैरहाजिर मिली। डॉ. भारतुय राय के तीन माह से गैरहाजिर होने और इसकी रिपोर्ट उच्च अफसरों को भेजने के बारे में बताया गया। एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी में कुछ कर्मचारी गैरहाजिर मिले है। रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।
तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने शेरपुरकलां और जटपुरा पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि शेरपुर पीएचसी में एक चिकित्सक सहित दो कर्मचारी, जटपुरा मेें एक चिकित्सक सहित तीन कर्मचारी नहीं मिले। महिला कर्मचारी के अलावा अन्य कर्मचारियों का छुट्टी का प्रार्थना पत्र रखा पाया गया।