मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने आसपुर गांव के श्यामाचरन की तीन माह पूर्व हुई हत्या के मामले में एसओ जहानाबाद को चार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
आसपुर निवासी राजवती ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि पति श्यामाचरन को पैसों की जरूरत थी। उसने भौना गांव के कुंवरसेन के माध्यम से बैंक से लिमिट बनवाने को कहा था। इस बाबत उसे कागज दिए थे। दो अक्तूबर 2015 को कुंवरसेन ने फोन पर उसके पति को बुलाया और कहा बैंक में लिमिट बन गई है। पति घर से चले आए।
इससे पहले गांव के ही लालसिंह ने पति को रुपये के लेनदेन पर जान से मारने की धमकी दी थी। उसे पता चला कि पति जिला अस्पताल में है। जिला अस्पताल में पति मृत अवस्था में मिले। मुंह से झाग निकल रहे थे। मोबाइल गायब था। जेब में मिली पासबुक से पता चला कि रुपये निकले हुए हैं। अस्पताल वालों ने बताया कि गांव भौनी के विनोद और गांव अंडरायन के अयोध्यी मृत अवस्था में उसे अस्पताल में छोड़ गए थे।
उसने आशंका जताई कि कुंवरसेन, लाल सिंह, विनोद और अयोध्यी ने रुपये के लालच में पति की हत्या कर दी। आरोप है पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने एसओ जहानाबाद को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।