पुराने बसपाई एवं पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू को बहुजन समाज पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। उनपर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने व अनुशासनहीनता का आरोप है। पार्टी हाईकमान से मिले निर्देश के बाद बसपा जिलाध्यक्ष हरीराम गौतम ने सोमवार सायं यहां इसकी लिखित तौर पर घोषणा की।
फूलबाबू की गिनती जिले के पुराने बसपाइयों में की जाती है। वर्ष 1996 में फूल बाबू ने पहला विधान सभा चुनाव जिले की बीसलपुर विधान सभा से लड़ा था व विजयी हुए थे। भाजपा के गठबंधन से तब प्रदेश में बनी मायावती की सरकार में वह यूपी एग्रो के चेयरमैन बनाए गए थे। इसके अलावा वर्ष 2002 व 2007 में भी वह बसपा टिकट से चुनाव जीते। प्रदेश सरकार में उन्हें कृषि शिक्षा मंत्री व अल्पसंख्यक कल्याण एवं हजराज्यमंत्री (दोनों बार स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया।
वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में बसपा से हैट्रिक बनाने वाले फूलबाबू का टिकट हाई कमान ने चुनाव से कुछ समय पहले काट दिया। जिसके बाद फूलबाबू कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। इस चुनाव में जिले में भी बसपा का सूपड़ा साफ हो गया। बाद में पार्टी ने फूलबाबू को फिर बसपा में शामिल कर लिया। करीब छह माह पहले पार्टी के यहां हुए सम्मेलन में फूलबाबू को बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र का पार्टी टिकट पर दावेदार घोषित करते हुए पार्टी की ओर से बीसलपुर विधान सभा क्षेत्र का प्रभारी घोषित किया गया। जिसके बाद से 2017 के चुनाव की तैयारी भी फूलबाबू ने शुरू कर दी थी। सोमवार सायं अचानक जिलाध्यक्ष हरीराम गौतम ने उन्हें हाई कमान के निर्देश पर पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की। हरीराम गौतम ने बताया कि फूलबाबू पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने तथा अनुशासनहीनता का आरोप में यह कार्रवाई हाई कमान के निर्देश पर की गई है।
मुझे बसपा से निष्कासित किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। पार्टी की ओर से यदि इस तरह की कोई जानकारी दी जाती है तो वह पार्टी सुप्रीमों बहन जी से मुलाकात का समय लेकर उनसे मुलाकात करेंगे। अगर किसी ने उन्हें गुमराह कर यह कार्रवाई कराई होगी तो वह मजबूती के साथ अपना पक्ष उनके समक्ष रखेंगे।
अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू, पूर्व मंत्री