पूरनपुर। घर के पास बर्तन धो रही महिला को दबोच कर ले गए बाघ से महिला का शव छुड़ाने में वनकर्मियोंं को फायरिंग करनी पड़ी। फायरिंग और भारी शोर-शराबा पर बाघ जंगल में चला गया था। आधी रात के बाद जब पोस्टमाॅर्टम के लिए महिला का शव ले जाया गया। तब बाघ फिर से आ धमका। इससे लोगोंं में भगदड़ मच गई। शोर-शराबा पर बाघ फिर खेतों की ओर चला गया।
गांव शांतिनगर के रामनगर तिराहा के समीप रामकिशोर की पत्नी रेशमा मंगलवार शाम घर के पास बर्तन धो रहीं थीं। जंगल की ओर से आए बाघ ने महिला को दबोच लिया और खेतों की ओर ले गए। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ महिला की तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि बाघ महिला के शव के पास बैठा नजर आया। बाघ से महिला के शव को छुड़ाने में वनकर्मियों को फायरिंग करनी पड़ी। घटना से भड़के ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, तहसीलदार हसीबउर रहमान, नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित ने गांव पहुंचकर हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। एसडीएम ने सहायता के रूप में पांच लाख रुपये महिला के पति के खाते में बृहस्पतिवार तक पहुंचने का आश्वासन दिया।
रात करीब एक बजे शव के पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की गई। शव को पोस्टमॉर्टम को भेजने के बाद फिर बाघ रेशमा देवी के घर के समीप आ गया। इस पर लोगों में फिर भगदड़ मच गई। भारी शोर-शराबा पर बाघ फिर खेतों की ओर चला गया। बुधवार को कंजरवेटर और लखीमपुर डीएफओ घटना स्थल पर पहुंचे। कंजरवेटर ने बाघ को पकड़वाने के निर्देश दिए। बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए टीम भी मौके पर पहुंची। संपूर्णानगर के रेंजर अनिल कुमार ने बताया कि बाघ को बेहोश कर पकड़वाने की कोशिश शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि महिला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए जाने के बाद बाघ को लेकर लोगों ने शोर मचाया था और भगदड़ भी मची थी। मगर अंधेरे के चलते बाघ नहीं दिखा था।
बाघ और वन्यजीवों की चहलकदमी से दहशत में हैं लोग
जंगल के समीप बसे गांव रामनगर में आबादी के समीप अक्सर बाघ और अन्य वन्य जीव आ जाते हैं। इससे पहले भी बाघ कई बार आबादी के अंदर तक आ चुका है। बाघ और वन्य जीवों की चहलकदमी से लोग दहशत में है।