बीते पांच दिनों से आबादी वाले क्षेत्र में डेरा जमाए बाघिन गुरुवार को नहीं दिखी
मुख्य वन संरक्षक ने एफडी के साथ मौका मुआयना कर निगरानी जारी रखने के दिए निर्देश
माधोटांडा। जंगल से बाहर निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में डेरा जमाए बाघिन पांचवें दिन नहीं दिखी। बृहस्पतिवार की सुबह वन कर्मियों ने पगमार्क ट्रेस कर बाघिन के खारजा नहर की ओर जाने की संभावना जताई। वहीं मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा ने फील्ड डायरेक्टर के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए।
टाइगर रिजर्व के जंगल से निकली एक बाघिन आबादी के किनारे ही पिछले चार दिन से डेरा जमाए है। दो दिन तक किसान शगुन सिंह के गन्ने के खेत में मौजूदगी दर्ज कराने के बाद बाघिन मंगलवार रात एक दूसरे गन्ने के खेत में पहुंच गई। बुधवार को दिन भर खेत के बाहर लगे गन्ने के पतेल के ढेर के किनारे बैठकर बाघिन ने समय बिताया। देर रात तक उसकी मौजूदगी वहां देखी जाती रही। बाघिन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग के अफसरों के निर्देश पर विश्व प्रकृति निधि की टीम ने कैमरे लगाने के अलावा 200 मीटर के क्षेत्र में खाबर (जाल) लगाया। सामाजिक वानिकी और बराही रेंज का स्टाफ बाघिन की निगरानी में जुटा हुआ है।
उधर, बृहस्पतिवार को बाघिन पूरे दिन नहीं दिखाई दी। हालांकि सुबह वनकर्मियों ने बाघिन की लोकेशन को ट्रेस करना शुरू किया। गन्ने के खेत के चारों तरफ पैरों के निशान तलाशे गए। इस पर बाघिन के गन्ने से बाहर निकल कर आसपास घूमने के निशान मिले। वही कुछ पैरों के निशान खारजा नहर के रास्ते पर जाते हुए भी मिले। इससे बाघिन के नहर की ओर जाने की संभावना जताई जा रही है। उधर, दोपहर बाद मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा टाइगर रिजर्व के प्रभारी फील्ड डायरेक्टर जावेद अख्तर के साथ मौके पर पहुंचे। निगरानी टीम से जानकारी लेने के बाद निगरानी को जारी रखने और कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
पेड़ पर चढ़कर लोकेशन तलाशता दिखा वाचर
आबादी के निकट बाघिन की लगातार मौजूदगी के बाद भले ही अफसर संजीदा न हों, मगर जंगल की सतही जिम्मेदारी संभालने वाले वन वाचर काफी गंभीर दिखाई दे रहे हैं। बृहस्पतिवार की सुबह पतेल के ढेर के पास बाघिन की लोकेशन ट्रेस करने में खासी दिक्कत हो रही थी। इस पर मौके पर मौजूद वन वाचर पातीराम एक यूकेलिप्टस के पेड़ पर चढ़े और बाघिन की मौजूदगी को देखा।
नदी किनारे मिले तेंदुए के पगमार्क
मझोला। ग्राम भिंडारा के किसान देवेंद्र कुमार रिंकू के फार्म हाउस के नजदीक बृहस्पतिवार की सुबह नदी किनारे तेंदुए के पगचिह्न मिले। टीम के साथ गश्त करते पहुंचीं वन दारोगा सोनी सिंह ने तेंदुए के पगचिह्न ट्रेस किए। उन्होंने बताया कि तेंदुआ उत्तराखंड की ओर से आया था। पगचिह्न देखकर वापसी के संकेत मिल रहे हैं। संवाद